अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार और नीचे जाती जीडीपी के बीच इंडिया टुडे ग्रुप के लोकप्रिय और चर्चित कार्यक्रम इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 के मुंबई एडिशन में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेताओं में वार और पलटवार देखने को मिलेगा. यह कार्यक्रम 20 और 21 सितंबर को आयोजित होने जा रहा है.
दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, देवेंद्र फडणवीस और शशि थरूर समेत कई सियासी दिग्गज शामिल होंगे. नए ट्रैफिक नियमों के लागू होने के बाद पहली बार परिवहन मंत्री नितिन गडकरी किसी बड़े कार्यक्रम में सवालों के जवाब देते नजर आएंगे.
बता दें कि नए ट्रैफिक नियमों के लागू होने के बाद विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमलावर है. वहीं, देश में कई भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित राज्यों ने भी जुर्माने की रकम को केंद्र द्वारा निर्धारित राशि के मुकाबले कम रखा है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि गडकरी विपक्ष और जनता के सवालों का सामना किस प्रकार करते हैं.
गडकरी के अलावा केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल के सामने भी सवालों की बौछार होगी. विपक्ष पहले भी जीएसटी और नोटबंदी के फैसले को सरकार की भूल और बड़ी असफलता बताता रहा है. ऐसे में इंडिया टुडे के मंच से भी इस पर पीयूष गोयल का सामना विपक्ष के तीखे सवालों से होने की पूरी-पूरी संभावना है.
साथ ही कारोबार जगत को हो रहे घाटे और देश में लागातार बंद होते छोटे उद्योग धंधों के साथ और बड़ी कंपनियों द्वारा निकाले जा रहे कर्मचारियों के मुद्दे पर भी बहस हो सकती है. गौरतलब है कि हाल ही में पारले और मारुति सुजुकी ने भारी संख्या में अपनी कंपनी से कर्मचारियों की छटनी की थी.
बता दें कि इंडिया टुडे कॉन्क्लेव मुंबई 2019 के सत्र की शुरुआत रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के संबोधन से होगी. शक्तिकांत दास ऐसे समय में जनता और विपक्ष के सीधे सवालों का सामना करेंगे जब अप्रैल-जून में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी तक नीचे जा चुकी है. हाल के एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनका अनुमान 5.8 फीसदी तक जाने का था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 5.5 फीसदी से नीचे के ग्रोथ के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था. अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर वो क्या कहते हैं ये देखने वाली बात होगी.
वहीं, इंडिया टुडे के मंच पर आगामी माहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अपनी रणनीति पर बात करेंगे. साथ ही राज्य के लिए सरकार द्वारा किए गए कामों और उन पर लगने वाले विपक्ष के आरोपों पर भी अपना रुख स्पष्ट करेंगे. बता दें कि आगामी चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में काफी उथल-पुथल मची हुई है. हाल के दिनों में कांग्रेस जहां अपने नेतृत्व को लेकर निशाने पर रही है, वहीं शरद पवार तेजी से पार्टी छोड़ रहे नेताओं की परेशानी से जूझ रहे हैं.
इसके अलावा लोगों की नजरें शिवसेना के युवा चेहरा आदित्य ठाकरे पर भी टिकीं होंगी. शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच समय-समय पर दिखती खटास और आगामी चुनाव में दोनों की रणनीति पर जनता उनसे सवाल कर सकती है. उनके अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर, बीजेपी सांसद और स्तंभकार स्वपन दास गुप्ता समेत सियासत की दुनिया के कुछ और बड़े नाम इस कॉन्क्लेव में जनता और विपक्षियों के सवालों का सामना करेंगे.