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इस बार लेटलतीफी नहीं, भारतीय रेलवे ने महज साढ़े 4 घंटे में बना दिया सबवे

भारतीय रेलवे ने सबवे के निर्माण के लिए 16 हेवी ड्यूटी एक्सकैवेटर्स, 3 हैवी ड्यूटी क्रेन, 5 ट्रक, 1,000 रेत की बोरियों, 4 हाइड्रा मशीन, हेवी वेट जैक्स और 300 मजदूरों की मदद ली थी.

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भारतीय रेलवे ने रिकॉर्ड समय में बनाया सबवे
भारतीय रेलवे ने रिकॉर्ड समय में बनाया सबवे

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लेटलतीफी के लिए बदनाम भारतीय रेल ने एक ऐसा कमाल कर दिया है, जिस पर विश्वास कर पाना हर किसी के लिए आसान नहीं. भारतीय रेलवे ने महज साढ़े 4 घंटे में सबवे क्रॉसिंग बनाने का कमाल कर दिखाया है.

भारतीय रेलवे की ओर से यह सबवे आंध्र प्रदेश में पेंडुरथी और कोट्टावालसा के बीच बनाया गया है. हालांकि कम ऊंचाई वाले इस सबवे का निर्माण कुछ महीने पहले रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया था.

लेकिन सबवे बनाए जाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह फोर ट्रैक लेवल रेलवे क्रॉसिंग नंबर 484 है.

ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECR) के तहत विशाखापत्तनम में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी ने बताया, 'यह प्रोजेक्ट 2017 में मंजूर हुआ था. इसे कुछ महीने पहले साढ़े चार घंटे में बना लिया गया.'

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देखें यह रिकॉर्डतोड़ वीडियो

उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए रेलवे ने 16 हेवी ड्यूटी एक्सकैवेटर्स, 3 हैवी ड्यूटी क्रेन, 5 ट्रक, 1,000 रेत की बोरियों, 4 हाइड्रा मशीन, हेवी वेट जैक्स और 300 मजदूरों की मदद ली थी.

अधिकारी ने बताया, 'ब्लॉक लेते ही क्रेन की मदद से ट्रैक को हटाया गया. दोनों ओर से मिट्टी हटाने का काम शुरू किया. इसके साथ ही बॉक्स और बेस प्लेट को शिफ्ट करने का काम भी किया गया. हेवी ड्यूटी क्रेन से प्री-फैब्रिकेटेड बॉक्स रखे गए. बेस स्लैब लगाए गए.'

आपको बता दें कि मिट्टी हटाने और बॉक्स रखने के काम में एक घंटा लगा. 20 बॉक्स हटाने, बेस स्लैब लगाने और ट्रैक को जोड़ने में डेढ़ घंटे लगे. कुल साढ़े 4 घंटे में ही ब्लॉक का काम पूरा हो गया.

अब सबवे से लोग गुजर रहे हैं. मैन्ड क्रॉसिंग हटा दी गई है. अब यहां पर दुर्घटना का खतरा भी कम हो गया है.

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