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फर्नांडिस को अदालत में पेश करने का निर्देश

जॉर्ज फर्नांडिस के संरक्षण के लिए चल रही लड़ाई में गुरुवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी पत्नी लैला कबीर को निर्देश दिया कि वह पांच जुलाई को पूर्व केंद्रीय मंत्री को अदालत में पेश करें ताकि यह जाना जा सके कि उनके मन में क्या है.

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जॉर्ज फर्नांडिस के संरक्षण के लिए चल रही लड़ाई में गुरुवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी पत्नी लैला कबीर को निर्देश दिया कि वह पांच जुलाई को पूर्व केंद्रीय मंत्री को अदालत में पेश करें ताकि यह जाना जा सके कि उनके मन में क्या है.

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अदालत ने लैला को निर्देश दिया कि बीमार चल रहे 80 वर्षीय नेता को उसके समक्ष पेश किया जाए क्योंकि अदालत पता लगाना चाहती है कि वह क्या चाहते हैं. न्यायमूर्ति वी.के. शालि ने लैला कबीर को निर्देश दिया कि फर्नांडिस को पांच जुलाई को शाम चार बजे अदालत में पेश किया जाए. उन्होंने कहा, ‘जिस व्यक्ति की बात किसी असमर्थता के कारण नहीं सुनी जा सकी, अदालत जानना चाहती है कि इस मुद्दे को निपटाने के लिए उनके मन में क्या है.’

अदालत फर्नांडिस के भाइयों रिचर्ड और माइकल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने अपने भाई को अपने साथ रखने की मांग की है और आरोप लगाया है कि अल्झाइमर से पीड़ित फर्नांडिस की देखभाल उनकी पत्नी सही तरीके से नहीं कर रहीं. न्यायाधीश ने कहा कि वह फर्नांडिस के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. {mospagebreak}

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न्यायमूर्ति शालि ने कहा, ‘मैं मामले के कानूनी पक्ष की बात नहीं कर रहा. मेरी चिंता केवल उनके स्वास्थ्य को लेकर है.’ अदालत ने दोनों पक्षों से एक ऐसे वकील को भी खोजने के लिए कहा, जो कांेकणी भाषा जानता हो ताकि वह फर्नांडिस के बयान के अनुवाद में मदद कर सके. अदालत को बताया गया था कि फर्नांडिस अंग्रेजी बोलते हैं और अपने भाइयों के साथ कोंकणी भाषा में भी बात करते हैं. इसके बाद अदालत ने इस बाबत यह आदेश दिया.

नेता के भाइयों ने उन्हें उनकी पत्नी के पंचशील पार्क स्थित आवास 3, कृष्णा मेनन मार्ग से उनके आधिकारिक आवास में स्थानांतरित करने के लिए भी अदालत से इजाजत मांगी. इस पर लैला कबीर के वकील अमन लेखी ने आपत्ति करते हुए कहा कि फर्नांडिस का उपचार दक्षिणी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है और इसलिए उन्हें सरकारी आवास में भेजने की जरूरत नहीं है.

फर्नांडिस के भाइयों ने गुरुवार को एक नया आवेदन दाखिल कर उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की. उन्होंने यह भी चाहा कि फर्नांडिस की इच्छा का पता लगाने के लिए एक स्थानीय आयुक्त की नियुक्ति की जाए. इसका लैला कबीर के वकील ने विरोध किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि भाइयों ने एक महीने से उनसे मुलाकात नहीं की है.

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फर्नांडिस को अपने साथ रखने के लिए उनके भाइयों तथा लैला कबीर में चल रही लड़ाई में बुधवार को दिल्ली स्थित नेता के आधिकारिक आवास के बाहर हंगामा खड़ा हो गया. नेता के दोनों भाई उनकी सहयोगी जया जेटली के साथ 3 कृष्णा मेनन मार्ग आवास पर किताबें फर्नीचर और पेंटिंग लेने पहुंचे जिन्हें वे अपनी बताते हैं लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर घुसने से रोक दिया क्योंकि मकान के केयरटेकर एसडी सिंह ने उनके प्रवेश पर आपत्ति जताई.

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