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ईटिकट कारोबार में आईआरसीटीसी को मिल सकती है चुनौती

आईआरसीटीसी से ईटिकट कटाने वालों के लिए आने वाले दिनों में वेबसाइट के माध्यम से ईटिकट प्राप्त करने का एक और विकल्प मिल सकता है. दरअसल, रेल मंत्रालय अपनी वेबसाइट से ईटिकट बेचने पर विचार कर रहा है ताकि आईआरसीटीसी के एकाधिकार को खत्म करने के अलावा रेल यात्रियों की ईटिकट संबंधी सुविधाओं को बढ़ाया जा सके.

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आईआरसीटीसी से ईटिकट कटाने वालों के लिए आने वाले दिनों में वेबसाइट के माध्यम से ईटिकट प्राप्त करने का एक और विकल्प मिल सकता है. दरअसल, रेल मंत्रालय अपनी वेबसाइट से ईटिकट बेचने पर विचार कर रहा है ताकि आईआरसीटीसी के एकाधिकार को खत्म करने के अलावा रेल यात्रियों की ईटिकट संबंधी सुविधाओं को बढ़ाया जा सके.

रेल मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सितंबर में दशहरा से पहले रेल यात्रियों के लिए लाई जाने वाली प्रस्तावित नयी सुविधाओं की कड़ी में यह योजना भी शामिल है.

अगर इस प्रस्ताव को अगलीजामा पहनाया जाता है तो आईआरसीटीसी के लिए यह दूसरा बड़ा झटका होगा. अभी हाल में ही आईआरसीटीसी को रेलवे की खान पान व्यवसाय से हाथ धोना पड़ा है. एक आकड़े के अनुसार आईआरसीटीसी ने रेलवे की खान पान व्यवसाय के तहत पिछले वर्ष 450 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जबकि ईटिकट बेच कर उसने 122 करोड़ रुपए कमाये.

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मौजूदा समय में रेलवे के कुल टिकटों की बुकिंग का करीब 30 फीसदी, आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बेचा जाता है. रेलवे की सूचना तकनीकी प्रकोष्ठ ‘क्रिश’ रेलवे वेबसाइट इंडियनरेलवेज डाट गोव डाट इन पर ईटिकट बेचने को लेकर पूरी तरह से तैयार है. फिलहाल में इसके लिए क्रिश को रेल मंत्रालय के अंतिम निर्णय के आने भर का इंतजार है.

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