मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफ्स्पा) हटाने की मांग लेकर लगभग 16 सालों तक संघर्ष करने वाली इरोम शर्मिला ने मंलगवार को अपना अनशन तोड़ दिया है, उनका कहना है कि अगर लोग उन्हें राजनेता के रूप में खारिज कर देंगे तो वह शादी कर लेंगी.
शर्मिला ने हाल ही में अपना अनशन तोड़ने की घोषणा के साथ ही ये भी कहा था कि वह अगले साल मणिपुर में होने वाले चुनाव में उतरेंगी और शादी भी करेंगी. 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, शर्मिला ने बुधवार को कहा कि वह अपने निजी जीवन पर तब ध्यान देंगी जब लोग उन्हें नेता के रूप में नकार देंगे. जिसके बाद जिंदगी का नया अध्याय शुरू करते हुए वह शादी कर लेंगी.
जेएनआईएमएस अस्पताल में भर्ती शर्मिला ने बुधवार को हॉर्लिक्स के साथ सूप भी पिया. हालांकि उन्होंने अब तक ये साफ नहीं किया है कि वह अस्पताल से निकलकर कहां जाएंगी. उनके मित्र देसमंद कोतिनहो उस वक्त कोर्ट में मौजूद नहीं थे जब मंगलवार को उन्हें बेल मिली थी. हालांकि शर्मिला ने चुनाव लड़ने के अलावा उन्होंने अपने विचारों से मेल खाते लोगों से जुड़ने की अपील भी की थी.