इसरो ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरे से ली गई तस्वीर को जारी किया है. इस हाई रिजोल्यूशन कैमरे ने चंद्रमा के सतह की तस्वीर ली है. इस तस्वीर में चंद्रमा के सतह पर बड़े और छोटे गड्ढे नजर आ रहे हैं.
इसरो ने ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरे से ली गई तस्वीर जारी की है. ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरे (OHRC) चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 की हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें मुहैया कराता है. यह पैंक्रोमैटिक बैंड (450-800 nm) पर संचालित होता है
OHRC से खींची गई तस्वीरें (सभी फोटो-ISRO)
एनआरसी कर रही जांचHave a look at the images taken by #Chandrayaan2's Orbiter High Resolution Camera (OHRC).
For more images please visit https://t.co/YBjRO1kTcL pic.twitter.com/K4INnWKbaM
— ISRO (@isro) October 4, 2019
इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की खराब लैंडिंग की जांच एक राष्ट्रीय स्तर की समिति (NRC)कर रही है. पिछले दिनों इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने यह भी साफ किया कि चंद्रयान-2 मिशन की 98 फीसदी सफलता की घोषणा उन्होंने नहीं की थी. यह घोषणा एनआरसी ने ही अपनी शुरुआती जांच के बाद की थी.
एनआरसी का मानना है कि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार हमारे मिशन में सिर्फ 2 फीसदी की ही कमी थी, 98 फीसदी मिशन सफल रहा है. उसी के आधार पर ही इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने लोगों से यह बात कही थी.
तब इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने कहा था कि एनआरसी की पूरी जांच के बाद हम अपने ऑर्बिटर से मिले सभी डेटा और तस्वीरें आम जनता के लिए जारी करेंगे. रिव्यू कमेटी एनआरसी अब भी चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की खराब लैंडिंग के आंकड़ों और तस्वीरों की जांच का काम कर रही है.