सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्राइम मिनिस्टर्स सिटिजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमर्जेंसी सिचुएशंस यानी पीएम केयर्स फंड के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी. एनजीओ सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि पीएम केयर्स फंड में जमा राशि को कोरोना महामारी के मद्देनजर नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड (एनडीआरएफ) में ट्रांसफर किया जाए.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि शीर्ष कोर्ट के फैसले से पीएम केयर्स फंड को लेकर राहुल गांधी के नापाक मंसूबों पर पानी फिर गया. जेपी नड्डा ने ट्वीट किया, 'पीएम केयर्स पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राहुल गांधी के नापाक मंसूबों पर पानी फिर गया है. यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों के बुरे इरादे और दुर्भावनापूर्ण प्रयासों के बावजूद सच्चाई दिखती है.'
The verdict by Supreme Court on PM CARES is a resounding blow to the nefarious designs of Rahul Gandhi & his band of ‘rent a cause’ activists. It shows that the truth shines despite the ill intent and malicious efforts of the Congress party and its associates.
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) August 18, 2020
जेपी नड्डा ने कहा, 'पीएम केयर में भारी योगदान देने वाले आम आदमी ने राहुल गांधी की बात को बार-बार खारिज किया है. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना फैसला सुना दिया है. क्या राहुल गांधी और एक्टिविस्टों की उनकी आर्मी अब भी अपने तौर तरीकों में सुधार करेगी?'
Rahul Gandhi’s rants have been repeatedly dismissed by the common man who has overwhelmingly contributed to PM CARES. With the highest court also pronouncing its verdict, will Rahul & his ‘rent a cause’ activist army mend their ways or embarrass themselves further?
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) August 18, 2020
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'गांधी परिवार ने पीएमएनआरएफ को दशकों से व्यक्तिगत संपत्ति के रूप में संचालित किया. पीएमएनआरएफ से नागरिकों की मेहनत से अर्जित धन को अपने परिवार के ट्रस्टों को ट्रांसफर कर दिया है. देश बहुत अच्छी तरह से जानता है कि पीएम केयर्स फंड के खिलाफ अभियान कांग्रेस द्वारा अपने पापों को धोने का एक प्रयास है.'
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया, 'सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अभियान चलाए जाने की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि शीर्ष अदालत ने NDRF को पीएम केयर्स फंड के ट्रांसफर का आदेश देने से इनकार कर दिया है.' अमित मालवीय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि पीएम केयर्स फंड पब्लिक चैरिटेबल फंड की तरह ही है. इसे एनडीआरएफ को ट्रांसफर किए जाने की जरूरत नहीं है
SC ने पीएम केयर्स फंड को एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने की मांग खारिज की
वहीं पीएम केयर फंड पर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट ने फंड को एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने के बजाय गैर-पारदर्शी और बेहिसाब पीएम-केयर फंड को कोविड राहत के नाम पर धन जुटाने के लिए एक गुप्त ट्रस्ट के रूप में स्थापित करने की अनुमति दे दी. एनडीआरएफ से RTI के जरिये जानकारी मांगी जा सकती है और कैग भी उसका ऑडिट कर सकता है.
Unfortunate that the SC allows the non-transparent & unaccountable PM-Cares fund set up as a secret trust to garner money in the name of Covid relief, rather than transferring such funds to the Statutory NDRF which is accessible under RTI & audited by CAG. https://t.co/jZX6Q5Y8EJ
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) August 18, 2020
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार पीएम केयर्स फंड में जमा पैसों को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) में ट्रांसफर करने की मांग ठुकरा दी. अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये दोनों फंड अलग हैं. नवंबर 2019 में बनी योजना ही पर्याप्त है. अलग से योजना बनाने की जरूरत नहीं है.