नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई जामिया हिंसा मामले में केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. दरअसल, 15 दिसंबर हो हुई हिंसक झड़प की जांच की मांग को लेकर जामिया के छात्रों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
इस याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन अब केंद्र ने जवाब देने के लिए समय मांगा है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने बीते साल 15 दिसंबर को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के मामले में 70 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की थीं. इन सभी को सीसीटीवी फुटेज की मदद से तलाशा गया.
जारी की गई तस्वीरों में वे संदिग्ध थे, जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध की आड़ में हिंसा फैलाने का काम किया था.
दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई सूचना में कहा गया कि इन तमाम संदिग्धों की तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज में मौजूद थीं. इन तस्वीरों को घटना की जांच कर रही दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी ने उजागर किया है.
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तस्वीर में दिख रहे संदिग्धों की तलाश की जा रही है. इनमें से अधिकांश के घर व ठिकाने जांच टीमों ने तलाश लिए हैं. इनमें से अधिकांश संदिग्ध लंबे समय से भूमिगत हैं.
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