जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कोर्ट में बुधवार को पेश किया गया. कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को 21 अगस्त तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है.
राशिद इंजीनियर को 9 अगस्त को एनआईए ने गिरफ्तार किया था. इंजीनियर लंबे वक्त से टेरर फंडिंग के केस का सामना कर रहे हैं. इंजीनियर राशिद इसके पहले भी एनआईए के निशाने पर आ चुके हैं.
सितंबर 2017 में जांच एजेंसी ने उन्हें पहली बार पूछताछ के लिए समन भेजा था. उस वक्त राशिद ने एनआईए की इस कार्रवाई और जांच को 'राजनीति से प्रेरित' बताया था. इंजीनियर राशिद लंगेट विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे.
साल 2017 में राशिद को एनआईए ने टेरर फंडिंग के एक केस में पूछताछ के लिए समन भेजा था. राशिद पर आरोप है कि उनका जहूर वताली नाम के एक बिजनेसमैन से संपर्क है. एनआईए टेरर फंडिंग मामले में वताली को गिरफ्तार कर चुकी है.
आरोपों के मुताबिक जहूर वताली का संबध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके आका हाफिज सईद से है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एनआईए दोनों एजेंसियां वताली से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं.
एक ताजा मामले में ईडी ने गुरुवार को वताली की 1.73 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की. यह कुर्की मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई.