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कुलभूषण जाधव मामलाः फारूक अब्दुल्ला ने ICJ के फैसले का किया स्वागत

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कुलभूषण जाधव मामले में आए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि सब्र का फल बहुत मीठा होता है.

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नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो-IANS)
नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो-IANS)

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कुलभूषण जाधव मामले में आए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि सब्र का फल बहुत मीठा होता है. कुलभूषण जाधव मामले में आईसीजे से अच्छा फैसला आया है. बता दें कि जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा जाधव को सुनाई गई मौत की सजा पर आईसीजे ने बुधवार को रोक बरकरार रखी.

नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कुलभूषण मामले को लेकर वह सबसे पहले सुषमा स्वराज को मुबारक कहेंगे क्योंकि उन्होंने इस मामले में अच्छी टीम बनाई और वकील हरीश साल्वे को केस लड़ने का जिम्मा सौंपा. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करेंगे कि आगे भी अच्छे फैसले आएंगे. आईसीजे ने कुलभूषण मामले में ईमानदारी के साथ एक अच्छा फैसला दिया है.

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बता दें कि बुधवार को आईसीजे में कुलभूषण मामले में फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से लेकर विपक्ष के नेताओं ने फैसले का स्वागत किया. इसे भारत की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि आईसीजे ने अपने आदेश में पाकिस्तान को जाधव को फांसी नहीं देने का निर्देश देते हुए सैन्य अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है.

अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पाकिस्तान को जाधव को राजनयिक संपर्क प्रदान करने का भी निर्देश दिया है और कहा कि उनको इस अधिकार से वंचित कर पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया है.

पीएम मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘हम आईसीजे के आदेश का स्वागत करते हैं. सत्य और न्याय की जीत हुई है. तथ्यों के व्यापक अध्ययन के आधार पर दिए गए फैसले के लिए आईसीजे को बधाई. हमारी सरकार हर भारतीय की सुरक्षा और कल्याण के लिए हमेशा काम करेगी.’

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यहां मीडिया से कहा, ‘आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव को दूतावास की पहुंच प्रदान करने का आदेश दिया है. यह भारत की बड़ी जीत है.’

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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए आईसीजे के आदेश का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए बड़ी जीत करार दिया. उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘मैं पूरे दिल से कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के आदेश का स्वागत करती हूं. यह भारत के लिए बड़ी जीत है.’

सुषमा स्वराज ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पहल करने के लिए धन्यवाद देती हूं. भारत का पक्ष आईसीजे के समक्ष प्रभावी व सफलतापूर्वक रखने के लिए मैं हरीश साल्वे को धन्यवाद देती हूं.’

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी आईसीजे के फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ी राजनयिक जीत करार दिया.

पूर्व वित्तमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी आईसीजे के फैसले का स्वागत किया. चिदंबरम ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘आईसीजे ने सही मायने में न्याय किया है और मानवाधिकारऔर कानून को बनाए रखा है.’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘15 बनाम एक से लिए गया फैसला वास्तव में सर्वसम्मति का फैसला है.’

प्रियंका गांधी ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘कुलभूषण जाधव मामले में फैसले से खुशी हुई. आखिरकार न्याय की जीत हुई है. पूरा भारत उनके परिवार की इस खुशी में शामिल है.’

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गौरतलब है कि भारतीय नौसेना के अधिकारी रहे जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी. भारत ने उनकी फांसी पर रोक लगाने के लिए आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था.

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