पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर बिहार में दलित सीएम का पासा फेंका है. इससे पहले जोर शोर से ये बात मांझी ने तब कही थी जब नीतीश ने मांझी से कुर्सी छोड़ने को कहा था. मांझी ने इस बार दूसरे मांझी यानी दशरथ मांझी के कंधे का इस्तेमाल किया है.
अगर मांझी दलित नहीं होते...
जीतन राम मांझी ने अपने फेसबुक पेज पर दशरथ मांझी पर आयोजित फंक्शन के कई फोटो शेयर किए हैं. मांझी का कहना है कि दलित परिवार से होने की वजह से ही दशरथ मांझी को उचित सम्मान नहीं मिला. पूर्व मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि अगर बाबा दशरथ मांझी किसी अगड़े जाति से होते तो उन्हें अब तक भारत रत्न भी मिल चुका होता.
मांझी के बहाने
बिहार के पर्वत पुरुष कहे जानेवाले दशरथ मांझी को लेकर हाल फिलहाल राजनीति इसलिए शुरू हो गई क्योंकि 21 अगस्त को उन पर बनी फिल्म रिलीज होने जा रही है. केतन मेहता की फिल्म 'मांझी : द माउंटेनमैन' को टैक्स फ्री करने की घोषणा बिहार सरकार पहले ही कर चुकी है. नीतीश को जैसे ही लगा कि मांझी, इस मसले पर राजनीति चमकाने की कोशिश करेंगे उन्होंने फिल्म के सिनेमा घरों में आने का इंतजार किए बगैर ही टैक्स फ्री करने की घोषणा कर दी.
लेकिन जीतन राम मांझी इतने से नहीं मानने वाले. दशरथ मांझी का नाम उछालते हुए जीतन राम मांझी चुन चुन कर सभी को निशाना बना रहे हैं.
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