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बंगाल में मजदूरों ने जूट मिल के सीईओ को पीट-पीटकर मार डाला: ममता ने माकपा, भाजपा पर आरोप लगाए

पश्चिम बंगाल के हुगली में एक जूट मिल के सीईओ की फैक्ट्री परिसर के अंदर मजदूरों द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है. घटना को लेकर राज्‍य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी व माकपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.

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ममता बनर्जी
ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल के हुगली में एक जूट मिल के सीईओ की फैक्ट्री परिसर के अंदर मजदूरों द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है. घटना को लेकर राज्‍य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी व माकपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.

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हुगली के पुलिस अधीक्षक सुनील चौधरी ने कहा कि भद्रेश्वर में नॉर्थ ब्रूक जूट मिल के सीईओ एच.के. माहेश्वरी की फैक्ट्री के मजदूरों ने तब पिटाई कर दी जब उन्होंने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया कि सप्ताह में काम के घंटे बढ़ाए जाएं ताकि उन्हें बढ़ी हुई मजदूरी मिले. माहेश्‍वरी करीब 60 साल के थे.

चौधरी ने कहा कि सीईओ के इनकार करने पर कलह बढ़ा और मजदूरों ने माहेश्वरी पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. सीईओ को निजी नर्सिंग होम में ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना को 'काफी दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा, ‘माकपा और बीजेपी के लोग वहां एकत्रित हुए थे.’

बनर्जी ने एक खबरिया चैनल से कहा, ‘किसी मुद्दे को लेकर शाम पांच बजे बैठक होने वाली थी. लेकिन सीटू और बीएमएस संगठन के सदस्य मिल परिसर में सुबह में ही इकट्ठा हुए और माहेश्वरी उनसे बात करने कार्यालय से बाहर निकले.’

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मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा, ‘मुझे मिली सूचना के मुताबिक बीएमएस और सीटू के सदस्यों ने माहेश्वरी की बेरहमी से पिटाई की गई. मैंने स्थानीय पुलिस से इस बारे में बात की है.’

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) जहां आरएसएस से जुड़ा हुआ है वहीं सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू), माकपा की मजदूर शाखा है. बनर्जी ने कहा कि उन्होंने पुलिस से कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. ममता ने कोलकाता में कहा, ‘यह काफी दुर्भाग्यूपर्ण है. मैंने सुना कि माकपा और बीजेपी मजदूर संगठनों के सदस्य जूट मिल में अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा हुए और सीईओ एच.के. माहेश्वरी जब उनकी बात सुनने बाहर निकले तो उनकी बेरहमी से पिटाई हुई.’

एसपी ने कहा कि मजदूरों ने माहेश्वरी से सुबह 11 बजे उनके चैम्बर में मुलाकात की और अन्य मांगों के अलावा सप्ताह में काम के घंटे को 25 से बढ़ाकर 40 घंटे करने की मांग की. मजदूरों की मांग मानने से सीईओ के इनकार करने पर कलह बढ़ गया और मजदूरों ने माहेश्वरी पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से जख्मी सीईओ की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई.

बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी की मजदूर इकाई घटना में शामिल नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘वहां हमारा तृणमूल कांग्रेस का कोई मजदूर संगठन नहीं है. शोभनदेब में एक छोटी इकाई है.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी बेरहमी से पिटाई की गई और अस्तपाल ले जाते समय उनकी मौत हो गई.’

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बनर्जी ने कहा, ‘मैं जानना चाहता हूं कि चुनाव जीतने के लिए यह हिंसा क्यों? सिर्फ एक महीने पहले लोकसभा के चुनाव हुए. उन्हें जनादेश मिला.’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें लोकतांत्रिक रूप से समर्थन हासिल करने का प्रयास करना चाहिए. दिल्ली ने अचानक बंगाल पर कब्जा करने का खेल क्यों शुरू कर दिया.’ उन्होंने कहा, ‘हिंसा, आगजनी और हत्या से बंगाल जीतना असंभव है. बंगाल की धरती एकता और भाईचारे की धरती है.’

बनर्जी ने कहा, ‘जो लोग दिल्ली से टीम भेजकर ऐसा करने का प्रयास कर रहे हैं और पारिवारिक झगड़ों को भी राजनीतिक रंग दे रहे हैं उन्हें मैं कहना चाहती हूं कि बस अब और नहीं. मैंने काफी बर्दाश्त किया है. हमारी नेकी को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए.’ तृणमूल सुप्रीमो ने कहा, ‘माकपा से हाथ मिलाकर भाजपा गंदी राजनीति में संलिप्त है.’ ममता ने आरोप लगाए, ‘केंद्र में सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा नेता भड़काउ भाषण से आतंक फैला रहे हैं. शनिवार को माकपा और भाजपा के गुंडों ने दक्षिण 24 परगना जिले के रायदिघी में तृणमूल कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी.’ मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी, ‘हम ऐसी घटनाएं नहीं होने देंगे. कड़ी कार्रवाई होगी और दोषियों को दंडित किया जाएगा. किसी को नहीं बख्शा जाएगा.’

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भाजपा और माकपा ने इस बात से इनकार किया कि वे माहेश्वरी की हत्या में शामिल थे. उनकी टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बंगाल भाजपा के महासचिव शामिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘ममता बनर्जी को ऐसी टिप्पणियां करने से बचना चाहिए. अन्यथा लोग उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेंगे. वास्तव में राज्य की मुख्यमंत्री की तरफ से ऐसे बयान दुखद हैं.’ भट्टाचार्य ने बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही हैं और कहा कि उद्योगपति की हत्या की घटना से राज्य पर विपरीत असर होगा. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री, जो कि खुद भी गृह मंत्री हैं, को अपने मंत्रालय के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि संपूर्ण रूप से वह अपना काम करने में बुरी तरह विफल रही हैं.’

माकपा के मजदूर संगठन सीटू ने भी ममता के आरोपों से इनकार किया. सीटू के राज्य प्रमुख और माकपा नेता श्यामल चक्रवर्ती ने कहा, ‘ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए ये निराधार आरोप हैं. सीटू सकारात्मक काम में विश्वास करता है. हम विभाजनकारी काम में विश्वास नहीं करते.’ बहरहाल इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन ने हत्या की निंदा की और कहा कि इससे पश्चिम बंगाल में जूट उद्योग के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं.

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