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जघन्य अपराध के केस में 16 साल के अपराधी पर IPC के तहत चलेगा केस, कैबिनेट की मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद 16 से ज्यादा उम्र के किशोरों के जघन्य अपराध करने पर भी आईपीसी कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकेगा.

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केंद्रीय कैबिनेट में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद 16 से ज्यादा उम्र के किशोरों के जघन्य अपराध करने पर भी आईपीसी कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकेगा.

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इससे पहले कैबिनेट ने मामले पर विस्तृत अध्ययन के लिए वरिष्ठ मंत्रियों के एक समूह को भेजा दिया. इस समूह में वित्त मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, सदानंद गौड़ा और वेंकैया नायडू शामिल थे.

कैबिनेट ने जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) बिल 2014 पास करके संसद को भेजा था. हालांकि मानव संसाधन विकास पर गठित संसदीय समिति ने इसमें संशोधन का प्रस्ताव दिया था. समिति ने 16 से 18 साल के किशोरों की ओर से किए गए जघन्य अपराधों के केस में आईपीसी की धारा के तहत केस दर्ज करने का सुझाव दिया था.

गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप के बाद से अपराधों के संबंध में जुवेनाइल की परिभाषा बदलने की मांग की जा रही है.

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