गृह मंत्रालय के नक्सल एडवाइजर के. विजय कुमार ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि देश से अब रेड जोन का सफाया और लाल आतंक को खल्लास किया जाएगा.
विजय कुमार ने कहा कि काउंटर इंसरजेंसी एक साल और एक महीने में खत्म नही होती है, पर धीरे धीरे हम इसको खत्म करेंगे. उन्होंने कहा, 'ये नार्मल वॉर नहीं, जैसे कि भारत-पाकिस्तान का युद्ध, ये वॉर अपने लोगों के बीच किया गया ऑपरेशन है, जो कि संभल कर किया जाता है.'
मौके की तलाश में पाकिस्तान
विजय कुमार ने कहा, 'नक्सलियों की फंडिंग के लिए पाकिस्तान से कोई सीधे लिंक अभी नही मिला है, पर पाकिस्तान मौके की तलाश में है और नक्सलियों को फंडिंग करने के पर उसकी नजर है.' उन्होंने बताया कि अब नक्सली फंडिंग के लिए गुंडा टैक्स वसूलते हैं.
गौरतलब है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सिंघम को नक्सलियों से निपटने का ऑपरेशन सौंपा है. विजय कुमार ने कहा, ' आजकल मैं एडवाइजरी कमांड दे रहा हूं, और सभी फोर्सेज के जवानों में कैसे युद्ध कला इम्प्रूव हो, उसके लिए हम बड़े स्तर पर काम कर रहे हैं. ये ऑपरेशन टाइम लगाकर किया जाएगा. ये नक्सली लोगों के बीच बैठे हुए हैं और स्थानीय भौगोलिक जानकारी का इस्तेमाल करते हैं.
शहरी नक्सल समर्थकों का सफाया करना भी प्राथमिकता
विजय कुमार ने कहा, 'हिडिमा जैसे नक्सली से निपटने के लिए कोबरा कमांडो तो लगाया जा रहा है, लेकिन हिडिमा जैसे लोगों से निपटने के लिए अलग से इटेलीजेंस लगाकर काम किया जाएगा. हमे वहां पर ज्यादा से ज्यादा काम करने की
जरूरत है. यूएवी का इस्तेमाल होगा, हथियार ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जाएगा. गृह मंत्री ने कहा है कि अभी तक हमारे हथियारों में ट्रैकिंग डिवाइस क्यों नही लगा, आने वाले समय इनका इस्तेमाल किया जाएगा. आर्मी पहले से ही ट्रेंड करती आई है.
जवानों को ट्रेंड करने में मणिपुर, कश्मीर में ऑपरेशन के अनुभवी लोगों का इस्तेमाल किया जाएगा. हिडिमा जैसे लोग तो जंगलों में है, लेकिन नक्सल समर्थक शहरों में बैठे हैं, उनका भी सफाया करना हमारी प्राथमिकता है.'
उन्होंने कहा, 'वीरप्पन और नक्सलियों में अंतर है. हमने वीरप्पन को खत्म किया है, पर नक्सली लोगों के बीच वहां की जनता भी है. हमें कमांडर बनाया गया है, हमारी टीम पूरी तरह सक्षम है. हम टीम वर्क के साथ काम करेंगे. चिंता गुफा, चिंतलनार जैसी जगहों से धीरे-धीरे हम नक्सलियों को खत्म करेंगे. बिना हथियार हम नक्सलियों से बात करने के लिए तैयार हैं.