कर्नाटक विधानसभा में अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी ठेकों में 4 फीसदी का आरक्षण देने वाले बिल को लेकर जमकर हंगामा हुआ. हालांकि अभी तक इस बिल को विधानसभा में पेश नहीं किया गया है. जबकि विधायकों और मंत्रियों के वेतन से जुड़ा बिल विधानसभा में पास हो गया है.
सूत्रों के अनुसार, अभी तक इस बिल को विधानसभा में पेश नहीं किया गया है. सरकार इस बिल पर फिर से विचार कर रही है. इसे आज पेश किया जाना था, लेकिन अभी इस बिल को आगे बढ़ाया जा सकता है.
इसके इतर मंत्रियों और विधायकों के वेतन से जुड़ा बिल भी पारित हो गया है. सदन के अंदर भारी हंगामा होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही को 01:30 बजे तक स्थगित कर दिया गया है.
मंत्रियों और विधायकों की कितनी बढ़ेगी सैलरी?
कर्नाटक विधानसभा में मंत्रियों और विधायकों की सैलरी से जुड़ा बिल भी पास हो चुका है. इसके बाद विधायकों की बल्ले-बल्ले हो सकती है. दरअसल, इस बिल में 100% बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है. आजतक के पास कर्नाटक विधानमंडल वेतन, पेंशन और भत्तों (संशोधन) विधेयक, 2025 का मसौदा हाथ लगा है, जिसमें विधायकों और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों के वेतन और भत्तों में वृद्धि की योजना है.
बिल पास होने जाने के बाद अब विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों (MLA और MLC) का वेतन दोगुना हो जाएगा, जबकि मुख्यमंत्री का वेतन 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा. यह कदम विधायकों द्वारा वित्तीय कठिनाइयों और 2022 में निर्धारित वेतन बढ़ोतरी के स्थगित होने को लेकर किए गए दबाव के बाद उठाया गया है.
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मंत्रियों को होगा कितना फायदा
मंत्री और मुख्यमंत्री के वेतन और भत्तों में भी वृद्धि प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री का वेतन 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है, जबकि एक मंत्री का वेतन 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये और उनके भत्तों को 4.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाएगा.
कर्नाटक के विधायकों, मंत्रियों और विधानसभा नेताओं के लिए वित्तीय लाभ में भारी वृद्धि होगी, जो उनके वेतन और भत्तों में महत्वपूर्ण संशोधन को दर्शाता है.