बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने साफ कर दिया है कि बांदीपुर नेशनल पार्क से रात को वाहनों की आवाजाही पर लगा बैन नहीं हटाया जाएगा. मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने बुधवार को कहा, ‘मैं कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ नहीं जा सकता. कोर्ट ने बांदीपुर जंगल क्षेत्र में रात को वाहनों को जाने की अनुमति नहीं देने का आदेश दिया है.’ बांदीपुर नेशनल पार्क बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र है.
राहुल गांधी ने पी. विजयन से की मुलाकात
बता दें कि इस ट्रैफिक बैन के खिलाफ कई ग्रुप आवाज़ उठा रहे हैं. बैन में छूट देने की मांग का समर्थन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी किया है. वायनाड से सांसद राहुल गांधी इस मुद्दे पर केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन से भी मिल चुके हैं.
राहुल गांधी ने 28 सितंबर को इस विवादित मुद्दे पर केरल के युवाओं और लोगों से एकजुटता दिखाते हुए दो ट्वीट किए. ट्वीट में राहुल ने कहा- 'मैं 25 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने वाले युवाओं के साथ हूं जो NH-766 पर रोजाना 9 घंटे के ट्रैफिक बैन का विरोध कर रहे हैं. इससे केरल और कर्नाटक के लाखों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.'
I stand in solidarity with the youth on an indefinite hunger strike since September 25th protesting against the daily 9 hour traffic ban on NH-766 that has caused immense hardship to lakhs of people in Kerala and Karnataka.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 29, 2019
कुछ दिन पहले केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने इस मुद्दे पर दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की. केंद्र सरकार की ओर से केरल को भरोसा दिया गया कि कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिज़र्व से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात के ट्रैफिक बैन की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जाएगी.
केरल सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 212 (अब 766) के 25 किलोमीटर लंबे हिस्से पर ऊंचा कॉरिडोर बनाया जा सकता है. इससे रात को ट्रैफिक बैन का विकल्प मिल सकता है. बता दें कि अगस्त में सुप्रीम कोर्ट भी रात को इस क्षेत्र में ट्रैफिक बैन को जायज़ ठहरा चुका है.
राहुल गांधी पर राजनीति करने का आरोप
बेंगलुरु में शहरी संरक्षणवादी विजय निशांत ने इस मामले में राहुल गांधी पर राजनीति करने का आरोप लगाया. निशांत ने इंडिया टुडे से कहा, ‘हम राहुल गांधी से ऐसी उम्मीद नहीं करते थे.’ निशांत के मुताबिक केरल सरकार की मांग और कुछ नहीं सिर्फ टिम्बर माफिया की मदद करना है.
विल्डनेस क्लब के सचिव जे मंजुनाथ ने राहुल की दलील को बेतुका बताते हुए कहा, ‘ये सिर्फ़ राजनीति है और इस तरह का स्टंट कोर्ट में नहीं टिकेगा.’
दरअसल, ये रात का ट्रैफिक बैन वर्ष 2009 से लागू है. मार्च 2018 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने केंद्र सरकार को ऊंचा कॉरिडोर बनाने के प्रोजेक्ट के खिलाफ राय व्यक्त की थी. प्राधिकरण के मुताबिक इससे वन पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) पर बुरा असर पड़ सकता है क्योंकि इस क्षेत्र में सैकड़ों बाघ मौजूद हैं.
फिलहाल इस क्षेत्र से सीमित संख्या में सरकारी बसों और आपातकालीन वाहनों को ही रात 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक गुज़रने की अनुमति दी जाती है. ट्रैफिक बैन की इस अवधि में वाहनों को ‘हुंसुर-गोनीकोप्पल-कुट्टा-मननथावाडट’ के वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ता है जो 30 किलोमीटर लंबा पड़ता है.