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अफजल के लिए बनी रस्सी से दी गई कसाब को फांसी!

बक्सर जेल के अधिकारियों और कैदियों को इस बात का भरोसा है कि बक्सर जेल में बनी विशेष ‘मनीला रस्सी’ से ही मुंबई पर आतंकवादी हमले के दोषी अजमल कसाब को बुधवार को पुणे के यरवदा जेल में फांसी दी गयी.

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अजमल कसाब
अजमल कसाब

बक्सर जेल के अधिकारियों और कैदियों को इस बात का भरोसा है कि बक्सर जेल में बनी विशेष ‘मनीला रस्सी’ से ही मुंबई पर आतंकवादी हमले के दोषी अजमल कसाब को बुधवार को पुणे के यरवदा जेल में फांसी दी गयी.

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बिहार कारागार विभाग के निदेशक एसबीपी सिंह ने बताया, ‘दिल्ली के तिहाड़ जेल के आर्डर पर 2007 में हमने संसद पर आतंकवादी हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने के लिए बक्सर जेल में बनी रस्सी की आपूर्ति की थी.’

उन्होंने कहा कि हालांकि कसाब को फांसी के लिए रस्सी का किसी प्रकार का अनुरोध नहीं किया गया था लेकिन कैदियों और पदाधिकारियों को लगता है अफजल गुरु के लिए भेजे गये फांसी के फंदे का प्रयोग कसाब के लिए पुणे में किया गया है.

सिंह ने कहा, ‘हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि कसाब के लिए बक्सर से भेजी गयी रस्सी का प्रयोग किया गया है. ऐसा लगता है कि अफजल गुरु को फांसी देने पर लगी रोक के बाद उस फंदे का प्रयोग अफजल के लिए किया गया है.’

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बक्सर केंद्रीय जेल के अधीक्षक सुरेंद्र कुमार अंबष्ठ ने बताया कि उत्तर और पूर्वी भारत में फांसी के लिए प्रयोग में आने वाले फंदे में बक्सर की ही रस्सी प्रयोग में आती है.

अंबष्ठ ने बताया कि वर्ष 2004 में कोलकाता में बलात्कार और हत्या के लिए दोषी करार धनंजय चटर्जी को फांसी के लिए बक्सर से भेजी गयी रस्सी का प्रयोग किया गया था.

जेल अधीक्षक ने बताया कि विशेष तौर पर प्रशिक्षित कैदियों द्वारा फांसी के लिए प्रयोग में आने वाली रस्सी का निर्माण किया जाता है. नेशनल कोआपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) द्वारा आपूर्ति किये गये विशेष प्रकार के सिंथेटिक जूट से बक्सर में रस्सी का निर्माण किया जाता है. बक्सर जेल के कारापाल मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि फांसी के फंदे के लिए जिस रस्सी का प्रयोग होता है उसे इस प्रकार तैयार किया जाता है कि कम से कम घर्षण हो और फंदा सरलता से कस जाए.

कारापाल के अनुसार कैदी नियमित तौर पर बक्सर जेल में रस्सी का निर्माण करते हैं लेकिन फांसी के लिए जब रस्सी का अनुरोध होता है तो उसे विशेष प्रकार से एक पखवाड़े के भीतर तैयार किया जाता है.

बक्सर जेल में अंग्रेजों के समय से रस्सी का निर्माण कैदियों द्वारा किया जाता है.

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