केरल नन रेप केस के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मुलक्कल ने अदालत से गुहार लगाई है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप हटा दिए जाएं.
दूसरी ओर केरल सरकार और पीड़ित नन ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर अदालत से कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए. इस मामले में अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी. बता दें, केरल हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को एक सुनवाई में मुलक्कल को राहत देने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने मुलक्कल को प्रथम दृष्टया आरोपी माना है. इसके बाद बिशप ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.
कुछ दिन पहले उसके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी हुआ था. इसके साथ ही उसकी जमानत भी रद्द हो चुकी है. इसे देखते हुए उसने सुप्रीम कोर्ट में राहत की गुहार लगाई है. बता दें, साल 2018 में कोट्टायम जिले में एक घटना सामने आई थी जिसमें बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ एक नन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी. नन ने आरोप में कहा था कि बिशप ने साल 2014-16 में उसका यौन शोषण किया. बाद में 21 सितंबर 2018 को इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मुलक्कल को गिरफ्तार किया था. फ्रैंको मुलक्कल पर बंधक बनाकर रेप, अप्राकृतिक यौन संबंध जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. 16 अक्टूबर 2018 को उसे जमानत दे दी गई थी.
इस साल अप्रैल महीने में मुलक्कल के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था. बिशप के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. नन ने अपने आरोप में कहा था कि उसे पुलिस के पास इसलिए जाना पड़ा क्योंकि चर्च के अधिकारियों ने उसकी शिकायतों पर पादरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.