हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिह हुड्डा ने झूठी शान की खातिर होने वाली हत्याओं को ‘सामाजिक बुराई’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि खाप पंचायतों की इन घटनाओं में कोई भूमिका नहीं है.
हुड्डा ने ‘ऑनर किलिंग’ के मुद्दे पर गठित मंत्री-समूह की बैठक में अपने ये विचार जाहिर किये. मंत्री-समूह में हुए विचार-विमर्श का ब्योरा देते हुए महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा, ‘हुड्डा ने झूठी शान की खातिर होने वाली हत्याओं को ‘सामाजिक बुराई’ करार दिया लेकिन कहा कि इसमें खापों की कोई भूमिका नहीं होती.’
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कहा कि वर्तमान कानून उसके मौजूदा स्वरूप में ठीक है, लेकिन ‘ऑनर किलिंग’ को देखते हुए उसमें कोई भी संशोधन करने से पहले विभिन्न वर्ग के लोगों की राय पर गौर किया जाना चाहिये. तीरथ के मुताबिक, हुड्डा ने कहा कि लोग समान गांव में शादी नहीं करते.
समान जाति में विवाह करने के लिये मां, पिता और दादी या नानी का गोत्र वर्जित है. अगर समान गोत्र में ही विवाह हो तो इससे समस्याएं पैदा होती हैं. लेकिन इस मामले में खापों की कोई दखलंदाजी नहीं है. यह एक सामाजिक बुराई है. तीरथ ने पुष्टि की कि हुड्डा आईपीसी या सीआरपीसी में संशोधन के प्रस्ताव के खिलाफ थे. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने मुखर्जी को लिखे पत्र में कहा है कि खापों का कोई बड़ा दखल नहीं होता. ऐसे मामलों को फास्ट ट्रेक अदालतों में रखा जा सकता है.
उधर, राजस्थान सरकार की ओर से कहा गया कि उनके राज्य में ऐसी बातें नहीं होती. मंत्री-समूह इस मुद्दे पर फैसले के लिये अपनी अंतिम राय कायम करने से पहले गैर-सरकारी संगठनों और विभिन्न साझेदारों से भी उनके विचार जानना चाहेगा. इस बीच, हुड्डा ने संवाददाताओं से बातचीत नहीं की और महज यही कहा कि उन्होंने मंत्री-समूह को अपने विचारों से अवगत करा दिया है. ‘ऑनर किलिंग’ के मुद्दे पर केंद्रीय कैबिनेट में मतभिन्नता होने के कारण पिछले महीने ही इस मंत्री-समूह का गठन किया गया था.