दिवाली के अगले दिन पुडुचेरी की राज्यपाल किरण बेदी ने एक ट्वीट किया. जिसमें एक बुजुर्ग महिला गरबा पर थिरक रही हैं. बेदी का कहना है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता हीराबेन हैं, जो दिवाली का जश्न मना रही हैं.
किरण बेदी ने ट्वीट कर लिखा है कि 97 साल की उम्र में भी दिवाली पर नरेंद्र मोदी की माता हीराबेन की ऊर्जा देखने लायक है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है, इस ट्वीट को अभी तक 2000 से ज्यादा बार रिट्वीट किया जा चुका है.
Spirit of Deepavali at tender age of 97. She's mother of @narendramodi (Hiraben Modi -1920) celebrating Diwali at her own home👇🏼@SadhguruJV pic.twitter.com/HBXAzNXomC
— Kiran Bedi (@thekiranbedi) October 20, 2017
हालांकि, किरण बेदी ने इस गलत पोस्ट पर माफी भी मांग ली है.
लेकिन किरण बेदी के इस वीडियो पर कई लोगों ने सवाल भी उठाए हैं. कई ट्विटर यूजर्स ने इस वीडियो के रिप्लाई में कहा है कि ये एक फर्जी वीडियो है. यह एक बुजुर्ग महिला का पुराना वीडियो है.Am informed it's mistaken identity @SadhguruJV. But salute to the mother with so much vigour. I hope i can be like her if/ when I am 96..! https://t.co/5llHN40tg8
— Kiran Bedi (@thekiranbedi) October 20, 2017
Such CHEAP tricks @thekiranbedi? Feel sorry for your chair Governor, why do you lie for PM's PR? The woman doesn't even look like Hiraben! pic.twitter.com/dNeKPNEJhU
— Gaurav Pandhi (@GauravPandhi) October 20, 2017
एक व्यक्ति ने ट्वीट किया कि ये पुरान वीडियो है जो कि यूट्यूब पर उपलब्ध है. यूजर ने डांस के वीडियो का लिंक भी साझा किया. अगर यूट्यूब पर इस वीडियो को सर्च किया जाए तो दिखता है कि ये वीडियो 3 अक्टूबर को पोस्ट किया गया है. जबकि किरण बेदी अपने ट्वीट में दावा कर रही हैं कि दिवाली के मौके पर पीएम मोदी की मां जश्न मना रही हैं.
The video is not of PM's mom
Here is the original video. https://t.co/YOKWqGHNvO pic.twitter.com/O7hWmn70XF
— 71dejavu (@moinaksg) October 20, 2017
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मां हीराबेन के काफी करीब हैं. पीएम हमेशा अपने जन्मदिन पर उनसे आशीर्वाद लेने जाते हैं. हीराबेन सादगीपूर्ण जीवन जीती हैं और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करती हैं. पिछली बार वह नियमित जांच के लिए गांधीनगर के सरकारी अस्पताल ऑटो रिक्शा से आई थीं. नोटबंदी के दौरान भी हीराबेन बैंक में पैसे बदलवाने गई थीं.