नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को हाईकोर्ट से करारा झटका मिला है. दिल्ली
हाईकोर्ट ने इस मामले में आयकर विभाग को जांच करने की मंजूरी दे दी है. ये है इस केस से जुड़ी पूरी जानकारी...
नेशनल हेराल्ड मामले की 11 खास बातें....
1. पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू ने साल 1938 में नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना की.
2. नेशनल हेराल्ड को कांग्रेस का मुखपत्र माना जाता है, जो आर्थिक हालात के चलते 2008 में इसका प्रकाशन बंद हो गया.
3. साल 2008 में अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स कंपनी के पास था.
4. एसोसिएट जर्नल्स ने कांग्रेस पार्टी से बिना ब्याज के 90 करोड़ का कर्ज लिया था, लेकिन इसका प्रकाशन फिर से शुरू नहीं हुआ.
5. अप्रैल 2012 को सोनिया गांधी और राहुल गांधी की यंग इंडिया कंपनी ने एसोसिएटेड जर्नल्स का मालिकाना हासिल कर लिया.
6. बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आरोप है कि यंग इंडिया ने नेशनल हेराल्ड की 1,600 करोड़ रुपये की संपत्ति सिर्फ 50 लाख में
हासिल कर लिया.
7. सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई. जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी
है. बाकी की 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास है.
8. नेशनल हेराल्ड मामले में दिसंबर 2015 में सोनिया और राहुल गांधी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए थे और कोर्ट से उन्हें जमानत
मिल गई थी.
9. जून 2016 में नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली. दिल्ली हाईकोर्ट ने
मामले में पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था.
10. हेराल्ड हाउस को फिलहाल पासपोर्ट ऑफिस के लिए किराये पर दिया गया है.
11. स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक
उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.