लोकपाल पर बहस के दौरान लालू प्रसाद यादव सरकार पर जमकर बरसे. उन्होंने लोकपाल को पहले तो लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और फिर कहा कि यह फांसी का घर हो जाएगा. लालू प्रसाद ने सीबीआई को लोकपाल से बाहर रखे जाने की जमकर वकालत की.
लालू प्रसाद ने संसद में लोकपाल पर बहस के दौरान सरकार से अपील की कि वह सीबीआई को द्रौपदी जैसा हाल न करें. लालू ने इस मसले पर चुटकी लेते हुए कहा कि द्रौपदी के तो पांच पति थे लेकिन सीबीआई के नौ पति होने जा रहे हैं. यह लोकतंत्र को बर्बाद करने की तैयारी है.
लालू ने कहा कि एमपी लैंड, सीबीआई को लोकपाल से बाहर रखा जाए. उन्होंने कहा कि सरकार को जल्दबाजी में यह बिल पास नहीं करना चाहिए.
अन्ना हजारे पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा कि अन्ना ने मराठी में लिखे एक पत्र में नेताओं को आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक बताया था.
लालू ने कहा कि अन्ना की सेहत की हमें चिंता है लेकिन सरकार को चाहिए कि इस बिल को वह वापस लें और फिर से उसे स्टैंडिंग कमेटी में भेजे. दो तीन महीने बाद भी बिल आएगा तो कोई पहाड़ नहीं टूट जाएगा.
लालू ने अपने भाषण के दौरान एक नया सिगूफा छोड़ा जिसमें कहा कि पूरे देश में सभी की संपत्ति को जब्त कर उसे फिर से बांटा जाए. अंत में लालू ने सभी पार्टी के सांसदों से अपील की कि वह भारी बहुमत से लोकपाल बिल को खारिज कर दे.
लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी ईमानदारी पर कोई संदेह नहीं है.