केंद्र सरकार ने कई राज्यों के राज्यपालों के नाम तय कर लिए हैं. राज्यपालों के नाम की सूची मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई है. सूत्रों के मुताबिक इस सूची में बीजेपी के सीनियर नेताओं राम नाइक, बलरामजी दास टंडन और केसरीनाथ त्रिपाठी का नाम है. सूत्रों का कहना है कि त्रिपाठी को पश्चिम बंगाल जबकि राम नाइक को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाया जा सकता है.
यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रहे केसरीनाथ त्रिपाठी इलाहाबाद से विधायक रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद सीट से केसरीनाथ को बीजेपी से टिकट मिलने की उम्मीद थी लेकिन आखिरी समय में उन्हें टिकट से वंचित होना पड़ा था. बीजेपी के सीनियर नेता राम नाइक केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री थे. पंजाब से बीजेपी के दिग्गज नेता बलरामजी दास टंडन राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव समिति के प्रमुख थे.
अन्य नये राज्यपालों के तौर पर लखनऊ के पूर्व सांसद लालजी टंडन, भोपाल के पूर्व सांसद कैलाश जोशी, केरल के बीजेपी नेता ओ राजगोपाल और शांता कुमार के नामों पर पर भी चर्चा चल रही है.
राज्यपालों को हटाने, ट्रांसफर का सिलसिला
केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद कई राज्यों में गवर्नर बदलने का सिलसिला जारी है. पुडुचेरी के उप राज्यपाल वीरेंद्र कटारिया को उनके पद से हटा दिया गया है, वहीं मिजोरम से अपना ट्रांसफर किए जाने से नाराज नगालैंड के राज्यपाल वक्कोम बी पुरुषोत्तम ने पद से इस्तीफा दे दिया है.
गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल का तबादला कर उन्हें मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया है. राजस्थान की राज्यपाल मारग्रेट अल्वा को गुजरात की राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इससे पहले यूपी के गवर्नर बीएल जोशी, नगालैंड के राज्यपाल अश्विनी कुमार, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन ने इस्तीफा दे दिया था. बिहार के राज्यपाल डी वाई पाटिल को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
पहले ऐसी अटकलें थी कि कल से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र से पहले कुछ नए राज्यपालों की नियुक्ति होगी. गोवा के राज्यपाल बी वी वांचू ने बीते शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया. अगस्ता वेस्टलैंड रिश्वत मामले में सीबीआई ने वांचू और नारायणन से उनके इस्तीफे के ठीक पहले पूछताछ की थी.
दो राज्यपाल एच आर भारद्वाज (कर्नाटक) और देवानंद कुंवर पिछले महीने रिटायर हो गए. हालांकि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा नियुक्त कई राज्यपाल अब भी अपने पद पर कायम हैं. उनमें के शंकरनारायणन (महाराष्ट्र), शीला दीक्षित (केरल), जगन्नाथ पहाडिया (हरियाणा) और शिवराज पाटिल (पंजाब) भी शामिल हैं.