बंगलुरु में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के संबोधन के साथ शुरू हो गई. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लापता होने पर चुटकी लेते हुए कहा, 'अपना नेता और मुद्दा दोनों खोजे कांग्रेस.' शाह ने यह भी कहा, 'मोदी सरकार अगले 10-20 साल सत्ता में रहेगी, हम कहीं नहीं जा रहे.' प्रधानमंत्री मोदी का 40 मिनट लंबा भावुक संबोधन
भ्रूण हत्या और मैला ढोने की प्रथा खत्म करेंगे
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, 'मोदी सरकार ने अच्छा काम किया है. पिछले
दस महीने में हमने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया. अटल जी की सरकार ने हमें
विकास की राह दिखाई थी. मोदी सरकार ने ई-गवर्नेंस को आगे बढ़ाया.' सूत्रों के मुताबिक अमित शाह ने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'हमें सिर पर मैला ढोने की प्रथा को खत्म करना होगा और साथ ही देश से कन्या भ्रूण हत्या को खत्म करने के लिए अभियान चलाना चाहिए.
महासंपर्क अभियान चलाएगी बीजेपी
जावड़ेकर ने कहा कि बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है और अब हमारा अगला लक्ष्य 10
करोड़ सदस्य बनाना है. हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का जश्न मना रहे
हैं. उन्होंने कहा कि हम महासंपर्क अभियान चलाएंगे और इसके जरिए पार्टी
के सभी नए सदस्यों से मिलकर उन्हें बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता बनाएंगे.
रविशंकर प्रसाद के हाथ में फ्रैक्चर
पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद हाथ में फ्रैक्चर होने की वजह से बंगलुरु से दिल्ली वापस लौटेंगे. शुक्रवार को उन्हें बैठक में विदेश नीति पर प्रस्ताव पेश करना था. लेकिन अब उनकी जगह राम माधव प्रस्ताव पेश करेंगे. चेक बांटकर मोदी की खिल्ली उड़ाएगी कांग्रेस
आडवाणी का संबोधन
शुरुआती खबरों के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी शनिवार को बैठक को संबोधित करेंगे. हालांकि, कार्यकारिणी के समापन समारोह के वक्ताओं में आडवाणी का नाम
नहीं है. जबकि आखिरी वक्ताओं की लिस्ट से आडवाणी का नाम गायब होने पर बीजेपी गोलमोल जवाब देती नजर आ रही है. पार्टी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं
का पार्टी को मार्गदर्शन मिल रहा है. शनिवार को ही प्रधानमंत्री मोदी का भी संबोधन होगा.
येदियुरप्पा को बागडोर सौंपने की मांग
गुरुवार को बंगलुरु में प्रधानमंत्री ने पार्टी के कुछ स्थानीय सांसदों और विधायकों के साथ डिनर किया था. बताया जा रहा है कि इनमें से कई नेताओं ने प्रधानमंत्री को कहा कि अगर
बीजेपी को कर्नाटक में फिर से सत्ता में आना है तो येदियुरप्पा को बागडोर सौंपनी होगी.