प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी एक और महात्वाकांक्षी योजना 'श्रमेव जयते' को लॉन्च किया. विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में श्रम सुधार को लेकर 4 योजनाएं शुरू की गईं. श्रम सुविधा पोर्टल की शुरुआत की गई. मोदी सरकार को भरोसा है कि संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों मजदूरों को दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू हो रही इस योजना से लाभ मिलेगा. योजना के तहत श्रमिकों को लेबर आइंडिफिकेशन नंबर भी दिया जाना है. श्रम मंत्रालय ने संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की जमीन तैयार कर ली है. इन 10 बातों से पूरी दुनिया में दहाड़ेगा 'शेर'
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा...
राष्ट्रीय के विकास के लिए है श्रमेव जयते. सत्यमेव जयते की जितनी ताकत है श्रमेव जयते में. हमने श्रम को उचित दर्जा नहीं दिया. श्रमिकों को उचित दर्जा नहीं दिया गया. युवा पीढ़ी में विश्वास और भरोसा पैदा करने की दिशा में है यह प्रयास. जब अपनों में कोई बड़ा बनता है तो वह प्रेरणा बन जाता है. हम इसे आगे बढ़ाना चाहते हैं. लोगों में व्हाइट कॉलर जॉब को लेकर बहुत इज्जत होती है, पर श्रमिकों के लिए यह नजरिया बिल्कुल अलग है. हमें इसे ही बदलना होगा. हर मजदूर को पीपीएफ के लिए एक UAN यानि यूनिवर्सल एकाउंट नंबर मिलेगा जो कंपनी बदलने के बाद भी नहीं बदलेगा. कुछ वैसे ही जैसे यह सुविधा मोबाइल पोर्टेब्लिटी में होती है.
इस प्रोजेक्ट को बैकिंग और इंडस्ट्रियल हाउसिंग से जोड़ा है. हमने इस योजना को लागू करने का काम पहले से ही पूरा कर लिया है. अब सिर्फ लॉन्च कर रहे हैं. सरकार आशंकाओं से नहीं चलती. इसके काम की शुरुआत भरोसे से होती है. हमें अपने श्रमिकों पर भरोसा दिखाना होगा, तभी आगे जा सकते हैं.
श्रमेव जयते का मकसद किसी प्रोजेक्ट को सुचारू ढंग से लागू करना, उत्पाद बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करना है. साथ ही श्रमिकों के हितों का ख्याल रखना और इंडस्ट्री की उद्मता का विकास करना. हमने बचपन से इंस्पेक्टर राज शब्द को सुना. सोचते थे कि यह किसी पुलिसवाले के लिए इस्तेमाल में आता होगा, बाद में एहसास हुआ कि यह उससे भी ज्यादा है. इस योजना में इंस्पेक्टर राज को खत्म करने की पहल की गई है. हमें उद्योगपति नहीं श्रमिकों की नजर से समस्या को देखना होगा. स्किल डेवलपमेंट भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर है. 2020 तक पूरी दुनिया को स्किलड कामगारों की जरूरत पड़ेगी. हम इस क्षेत्र में अच्छा काम कर सकते हैं. अगर हमें 'मेक इन इंडिया' को सफल बनाना है तो बिजनेस के लिए सकारात्मक माहौल बनाना होगा. ये श्रमयोगी आने वाले समय में राष्ट्रयोगी बनेगा. राष्ट्रनिर्माता बनेगा. उसी दिशा में यह एक कदम है, जो मेक इन इंडिया के मकसद को पूरा करेगा.
कार्यक्रम की पांच मुख्य बातें...
1. श्रम सुविधा यानि यूनिफाइड लेबर पोर्टल होगा जिसके तहत 6-7 लाख उद्योगों को सेल्फ सर्टिफिकेशन और सिंगल ऑनलाइन रिटर्न भरने की सुविधा होगी. साथ ही एक जिम्मेवार लेबर इंस्पेक्शन की योजना भी होगी.
2. मजदूरों के पीपीएफ के लिए एक UAN यानि यूनिवर्सल एकाउंट नंबर मिलेगा जो कंपनी बदलने के बाद भी नहीं बदलेगा.
3. वोकेशनल ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी जो स्थानीय मांग और जरूरतों के हिसाब से तय होंगी.
4. अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना भी इसका हिस्सा होगी जिसके तहत युवाओं को रोजगार मिलना आसान हो जाएगा.
5. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को असंगठित क्षेत्र के मजदूरों पर भी लागू किया जाएगा.
लॉन्च के मौके पर मोदी के अलावा श्रम मंत्री नरेन्द्र तोमर के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, कलराज मिश्र और सर्वानंद सोनोवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे. इन तमाम मंत्रियों के मंत्रालय श्रमेव जयते को सफल बनाने के लिए मिलजुल कर योगदान करेगा.