दिल्ली के मायापुरी में चलती बस में अचानक आग क्यों लगी. टाटा को इसकी जांच का आदेश दिया गया है. साथ ही दिल्ली सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि अगर इस तरह की घटना फिर हुई तो नतीजा कंपनी को भुगतना होगा. फिलहाल इस मामले में एक डिपो इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है.
मोतीनगर फ्लाईओवर के पास लो फ्लोर बस में लगी इस आग में कहीं दिल्लीवालों का सपना खाक ना हो जाए क्योंकि ये वो ही लो फ्लोर बस है, जिसने दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का हुलिया बदल दिया है, लेकिन इस बस को भी किसी की नजर लग गई है. डीटीसी की ये लो फ्लोर बस करीब पंद्रह सवारियों को लेकर जनकपुरी से इंद्रलोक जा रही थी लेकिन 832 नंबर की बस जब मोतीनगर के पास पहुंची तो एक जोरदार धमाके के बाद बस में आग लग गई.
आग लगते ही मुसाफिरों में अफरातफरी मच गई और ड्राइवर को जब तक कुछ समझ में आता बस का इंजन बंद हो गया, दरवाजे जाम हो चुके थे. बस के पिछले हिस्से में जहां सीएनजी के सिलेंडर रखे होते हैं वहां से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं. ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए सभी सवारियों को ड्राइवर सीट की बगल के दरवाजे से बाहर निकाल लिया. इसके बाद आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाती. पूरी बस खाक हो चुकी थी.
दिल्लीवालों के लिए लो फ्लोर बसें आराम का दूसरा नाम है. चढ़ने में आसानी, चलती बस में आराम का एहसास और किराया आम बसों के बराबर लेकिन जिसने भी आग के इस मंजर को करीब से दिखा उसके होश उड़ गए. सभी की जुबान पर एक ही सवाल था कि अगर हादसे के वक्त बस खचाखच भरी होती तो क्या होता?