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राजीव गांधी को मारने को PLAN B भी था

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मास्टरमाइंड सिवरासन ने उनकी हत्या के लिए एक दूसरा प्लान भी तैयार रखा था. अगर 21 मई 1991 को श्रीपेरुम्बदूर में उसका प्लान सफल नहीं होता तो उसने प्लान-बी के तौर पर उन्हें दिल्ली में मारने की योजना बनाई थी. सीबीआई ने इसे ‘दिल्ली प्लाट’ नाम दिया है जो लिट्टे हत्यारे की डायरी में मिला है.

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राजीव गांधी की फाइल फोटो
राजीव गांधी की फाइल फोटो

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मास्टरमाइंड सिवरासन ने उनकी हत्या के लिए एक दूसरा प्लान भी तैयार रखा था. अगर 21 मई 1991 को श्रीपेरुम्बदूर में उसका प्लान सफल नहीं होता तो उसने प्लान बी के तौर पर उन्हें दिल्ली में मारने की योजना बनाई थी. सीबीआई ने इसे ‘दिल्ली प्लाट’ नाम दिया है, जो लिट्टे हत्यारे की डायरी में मिला है.

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उस डायरी की एक्सक्लूसिव कॉपी इंडिया टुडे के पास है और इसमें खुलासा हुआ है कि किस तरह से सिवरासन ने दिल्ली की एक ट्रेवल एजेंसी में घुसपैठ की योजना बनायी थी. इस ट्रेवल एजेंसी को राजीव गांधी के करीबी मणि‍शंकर अय्यर की पत्नी सुनीत के दूर के रिश्तेदार चलाते थे.

सीबीआई द्वारा जुलाई 1991 में जब्त डायरियों के मिले नोट्स में ‘वी. कल्याणसुंदरम, प्रेसिडेंट ट्रेवल एजेंसी 811 अरुणाचल बिल्डिंग कनॉट पलेस, नई दिल्ली’ लिखा हुआ था. जब यहां पूछताछ की गई तो पता चला कि वी. कल्याणसुंदरम यहां पर एसिस्टेंट मैनेजर थे और 2004 में वे यहां से चले गए. हालांकि अब चेन्नई में रह रहे कल्याणसुंदरम ने उनकी सिवरासन और उसके किसी आदमी से संबंध की बात से इनकार किया है.

जब मणिशंकर अय्यर से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने इस तरह की जानकारी से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट ट्रेवल एजेंसी से उनका संबंध काफी दूर का था. लिट्टे ने अक्टूबर 1990 में चेन्नई में सेफ हाउस बनाया, जिसके सात महीने बाद राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी. लिट्टे ने आत्मघाती हमलावर को राजीव गांधी के करीब पहुंचाने के लिए कांग्रेस एमपी मरागत्थम चंद्रसेखर का इस्तेमाल किया. प्लान-बी के तहत लिट्टे ने 28 अप्रैल 1991 को सोनिया नाम की एक 17 साल की लड़की को चेन्नई के सेफ हाउस में पहुंचाया था. इस लड़की को सिर्फ इसलिए चुना गया था क्योंकि उसका रंग उत्तर भारतीयों की तरह था और वह दिल्ली की भीड़ में आसानी से उनके बीच घुल-मिल जाती.

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प्लान-बी के लिए लिट्टे ने दिल्ली के नॉर्थ मोती बाग में शांति निकेतन के करीब ए-233 नंबर का घर देखा हुआ था. यह 2 कमरों का मकान एक सरकारी क्वार्टर था और यह राजीव गांधी के निवास 10 जनपथ से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर था. इस घर के लिए 5000 रुपये एडवांस भी दे दिए गए थे.

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