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दिल्ली में खुलने वाला है मैडम तुसाद म्यूजियम, जानें- कहां और कितनी होगी फीस

दिल्ली के कनॉट प्लेस में रीगल सिनेमा की बिल्डिंग में 1 दिसंबर से मैडम तुसाद की जादुई दुनिया के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे.

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मैडम तुसाद म्यूजियम
मैडम तुसाद म्यूजियम

अगर आप भी सितारों के साथ कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं तो इसके लिए आपको घंटों उनके घर के बाहर या किसी इवेंट में भारी भीड़ के बीच धक्का मुक्की करने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब भारत में भी मशहूर मैडम तुसाद की जादुई दुनिया ने कदम रख दिया है. जहां आप अपने पसंदीदा सितारों के साथ एक यादगार दिन बिता सकते हैं. मैडम तुसाद म्यूजियम लंदन में मोम की मूर्तियों का संग्रहालय है. इसकी अन्य शाखाएं यूरोप, दक्षिण अमेरिका और एशिया के प्रमुख शहरों में है और अब भारत में भी लंबे इंतजार के बाद मैडम तुसाद की हैरान करने वाली दुनिया जीवंत हो चुकी है.

हर क्षेत्र के सितारें होंगे मौजूद

दिल्ली के कनॉट प्लेस में रीगल सिनेमा की बिल्डिंग में 1 दिसंबर से मैडम तुसाद की जादुई दुनिया के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे. यहां अलग-अलग क्षेत्रों से चुनिंदा सितारों के मोम से बनाए गए पुतले रखे गए हैं. खेल, संगीत, इतिहास और फिल्मी जगत की करीब 50 बड़ी हस्तियों के पुतलों को रखा जाएगा. इनमें मेरी कॉम, रोनाल्डो क्रिस्टियानो, लेडी गागा, माइकल जैक्सन, अमिताभ बच्चन और कटरीना कैफ जैसे सेलिब्रिटी शामिल हैं. यहां रखी गई प्रतिमाओं में 60 % हस्तियां भारतीय हैं.

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मैडम तुसाद के भारतीय जोन के प्रमुख अंशुल जैन का कहना है कि बहुत अर्से से चाहता था कि भारत में भी मैडम तुसाद की चेन हो. अब जाकर ये संभव हुआ है, भारतीय माध्यम वर्गीय लोगों को भी अपने पसंदीदा सितारे के साथ सेल्फी लेने का मौका मिलेगा. इसको देखते हुए हमें इसकी एंट्री फीस भी बहुत कम रखी है. बच्चों के लिए 430 और बड़ों के लिए 650 रुपये है, हम चाहते हैं सभी यहां अपने परिवार के साथ आएं. दिल्ली में होने से यहां घूमने आने वाले पर्यटकों को भी इसका आनंद उठाने का मौका मिलेगा जो कि अपने आप मे बड़ी बात है.

ये हैं इसकी खासियत

जैसा देश वैसा भेष, मैडम तुसाड जिस भी देश में मौजूद है वहां की संस्कृति और सितारों की खनक में रंगा हुआ है. भारत में भी भारतीय संस्कृति को ध्यान में रख कर ही अलग इसको अंदाज में डिजाइन किया गया है. भारतीय सितारों की धूम है और ऐतिहासिक लाउन्ज इसका सबसे अनोखा पहलू है. यहां महात्मा गांधी और ऐपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा भी रखी जाएगी. इसके अलावा इस लाउंज में मौजूद हर विख्यात शख्सियत के बारे में जानकारियां भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं.

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सितारों के साथ-साथ और भी एक्टिविटी

यहां आने वाले लोगों को सेलिब्रिटी के साथ सेल्फी का मौका तो मिलेगा ही साथ ही उनके मनोरंजन के लिए और भी प्रयोजन किए गए है. यादगार सेल्फी के साथ-साथ आप अपने खुद के हाथों का मोम से बना इंप्रिंट बनवा सकते हैं जिसे सालों साल रखा जा सकता है. इसके अलावा 3डी गेम जोन में बच्चे और युवा अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं. इन सब के साथ-साथ आप जिस भी देश का चाहे बैक ड्रॉप लेकर अपनी फोटो भी क्लिक कर सकते हैं जिसको देख कर ये अनुमान लगाना मुश्किल होगा कि ये रियल नहीं है.

मैडम तुसाद की स्थापना 1835 में मोम शिल्पकार मेरी तुसाद ने की थी. मोम के बने ये पुतलों कि खासियत ये है कि ये दिखने में असली और जीवंत लगते हैं जिनको बनाने में 6 महीने का समय लगता है, जिसकी लागत 1 से 1.50 करोड़ रुपए हैं. सेलिब्रिटी की शारीरिक बनावट, स्किन, बाल यह तक कि आंखों की पुतलियों के रंग को ध्यान में रख कर इन्हें बनाया जाता है जिसके मेकअप और पॉलिशिंग के बाद देख कर ये कहना मुश्किल होगा कि ये असली नहीं बल्कि मोम की बनी आकृतियां हैं. यही कारण है कि मैडम तुसाद की फैन फॉलोइंग इतनी तगड़ी है और लोग भारत मे इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.

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