प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को तीन देशों के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. 9 दिनों की यात्रा के दौरान वे फ्रांस, जर्मनी और कनाडा जाएंगे, जहां 'मेक इन इंडिया' पर उनका ज्यादा फोकस होगा.
फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा पर मोदी का जोर निवेश आकर्षित करने पर होगा. बुनियादी ढांचे के विकास और रक्षा क्षेत्रों में निवेश पर भी वे जोर देंगे. इसके अलावा, परमाणु व अन्य क्षेत्रों में सहयोग को भी वे प्राथमिकता देंगे.
अपनी यात्रा के पहले चरण में मोदी फ्रांस जाएंगे , जहां उनके एजेंडा में अर्थव्यवस्था, रक्षा और ऊर्जा में सहयोग का एजेंडा सबसे ऊपर होगा. वह फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद से इन मुद्दों पर बातचीत करैंगे.
फ्रांस में कारोबारी जगत से बातचीत
प्रधानमंत्री फ्रांस के उद्योगपतियों के साथ बैठकें करेंगे, जिसमें खास तौर पर ढांचागत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने व रक्षा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर होगा.
इसी तरह, फ्रांसीसी कंपनियों की रक्षा के क्षेत्र में क्षमता व विशेज्ञता है. भारत को उम्मीद है कि फ्रांस की कंपनियां मोदी द्वारा शुरू किए गए 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम में भागीदारी करेंगी.
फ्रांस में चार दिन के प्रवास के दौरान मोदी ओलांद के साथ नाव की सवारी करेंगे, जिसे 'नाव में चर्चा' का नाम दिया जा रहा है. इससे पहले, मोदी ने जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान उनके साथ 'चाय पर चर्चा' की थी.
फ्रांस में प्रधानमंत्री प्रथम विश्व युद्ध स्मारक जाएंगे और उन 10,000 भारतीयों को श्रद्धांजलि देंगे, जिन्होंने फ्रांस के साथ मिलकर लड़ते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया था. मोदी यूनेस्को के मुख्यालय, एयरबस के कारखाने और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी के ऑफिस भी जाएंगे.
जर्मनी में भी कारोबार पर जोर
फ्रांस से मोदी जर्मनी की यात्रा करेंगे और वहां भी उनका जोर कारोबार व प्रौद्योगिकी पर होगा, ताकि 'मेक इन इंडिया' में भागीदारी के लिए निवेश आकर्षित किया जा सके. प्रधानमंत्री सबसे पहले हनोवर फेयर का दौरा करेंगे. भारत, हनोवर फेयर का साझीदार देश है और करीब 400 भारतीय कंपनियां इस मेले में हिस्सा ले रही हैं, जिसमें करीब 100 से 120 भारतीय सीईओ मौजूद रहेंगे.
पीएम मोदी जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ मेले के भारतीय मंडप का उद्घाटन करेंगे और भारतीय-जर्मन कारोबारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे. वह हनोवर में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे.
मोदी और मर्केल बर्लिन में विस्तृत वार्ता करेंगे, जिसमें इस बात पर जोर होगा कि जर्मनी भारत के साथ उसके विकास में कैसे काम कर सकता है. प्रधानमंत्री बर्लिन में एक रेलवे स्टेशन का दौरा करेंगे और साथ ही वह सीमेन्स की इकाई में भी जाएंगे.
तीसरे चरण में कनाडा का दौरा
यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में मोदी कनाडा जाएंगे. 42 साल में एक भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षी यात्रा होगी. इससे पहले 1973 में भारतीय प्रधानमंत्री ने कनाडा की यात्रा की थी. मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफेन हार्पर के साथ परमाणु ऊर्जा, व्यापार व निवेश सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे. मोदी वहां मैडिसन स्क्वायर सरीखे कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित भी करेंगे. प्रधानमंत्री टोरंटो में एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए लोगों की याद में स्थापित एक स्मारक भी जाएंगे. वह वैंकुअर में लक्ष्मी नारायण मंदिर भी जाएंगे.