टी-20 लीग में 10 लाख रुपये का सट्टा हारने वाले दो व्यापारियों ने एक 13 साल के बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी. बच्चे का नाम आदित्य रंका था और उसके पिता हीरे का व्यापार करते हैं.
पुलिस के अनुसार हिमांशु रंका (28) और ब्रिजेश सांगवी (25) ने आदित्य को खेतवाड़ी ये कहकर बुलाया कि उसके पिता ने उसके लिए कोई चाबी भेजी है. दोनों आदित्य को किडनैप करके पनवेल ले गए. हिमांशु की गाड़ी में उन्होंने आदित्य को रखा और 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी.
आदित्य किडनैपर हिमांशु का चचेरा भाई भी था. जब शाम तक आदित्य घर लौट कर नहीं आया तो पिता जितेंद्र रंका ने फिरौती वाली कॉल को गंभीरता से लिया.
उन्होंने वीपी रोड पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराई. एडिशनल कमिश्नर कृष्णा प्रकाश को समझ आ गया था कि किडनैपर कोई रिश्तेदार ही है क्योंकि उसने (किडनैपर) ने आदित्य को 'चीकू' के नाम से पुकारा जो कि उसका पुकारने वाला नाम था.
किडनैपर्स को जब पता चला कि पुलिस को पूरी घटना की जानकारी मिल गई है उन्होंने बच्चे को चाकू से मार डाला और पनवेल के पास हतखंबा में उसकी बॉडी को जलाने की भी कोशिश की.
क्रिकेट में सट्टा हारे हुए दोनों आरोपियों ने बच्चे की बॉडी को पनवेल से करीब 12 किलोमीटर दूर जला दिया. दोनों ही आरोपी परिवार के जानने वाले थे और मंगलवार को वीपी रोड पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
पुलिस के मुताबिक हिमांशु जितेंद्र रंका का भतीजा है. हिमांशु ने टी-20 लीग में 3 लाख रुपये सट्टे में हारे जबकि बृजेश ने 7 लाख रुपये सट्टे में गंवाए.