प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने रविवार को अपने ब्लॉग में लिखा कि वो कभी भी अपना संस्मरण नहीं लिखना चाहेंगे. काटजू ने हाल ही में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर बड़ा खुलासा किया था जिसे लेकर कई दिग्गजों ने उन्हें आड़े हाथों भी लिया. इसीलिए काटजू ने फैसला किया है कि वो अपना संस्मरण नहीं लिखेंगे.
काटजू का मानना है कि वो न्यायपालिका के काले चेहरे से वाकिफ हैं और इस तरह की घटनाओं का सावर्जनिक मंच पर जिक्र करना मुसीबतों का पिटारा खोलने जैसा होगा. काटजू ने यहां तक कहा कि अगर उन्होंने सभी बातों का खुलासा कर दिया तो ऐसा तूफान मचेगा जिसके परिणाम का सामना वो खुद नहीं कर सकेंगे.
गौरतलब है कि काटजू ने हाल ही में दावा किया था कि तमिलनाडु की एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप होने के बावजूद उसे मद्रास हाई कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया.
काटजू ने मनमोहन सिंह और उनकी सरकार पर भी भ्रष्ट जज को बचाने का आरोप लगाया था. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के तीन चीफ जस्टिस पर भी भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. काटजू ने कहा कि मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार बचाने के लिए एक भ्रष्ट शख्स को मद्रास हाई कोर्ट का एडिशनल जज बने रहने दिया.
27 जुलाई को अपने ब्लॉग में काटजू ने लिखाः
क्यों मैं अपनी जीवनी नहीं लिखूंगा.
फेसबुक पर एक कमेंट था कि मुझे संस्मरण लिखना चाहिए. मैंने उसका जवाब दिया कि मैं कभी ऐसा नहीं करूंगा. उस शख्स ने मुझसे पूछा क्यों?
मैंने कहा सिर्फ एक घटना (मद्रास हाई कोर्ट जज) का जिक्र करने पर मुझ पर कई लोगों ने हमला बोल दिया. सभी घटनाओं का जिक्र करना मुसीबत का पिटारा खोलने जैसा होगा. मैं न्यायपालिका में कई लेवल पर (वकील, हाई कोर्ट जज, चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट जज) काम कर चुका हूं और इसका काला चेहरा देख चुका हूं, तो सभी घटनाओं का खुलासा करना एक ऐसा तूफान मचा देगा जिसका सामना मैं शायद खुद भी ना कर सकूं.