scorecardresearch
 

महबूबा मुफ्ती पहुंचीं दिल्ली, कहा- कश्मीर पर PM मोदी से बात करने खुले मन से आई हूं

जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए घाटी के नेताओं का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है. महबूबा मुफ्ती दिल्ली आ गई हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी के चीफ भीम सिंह ने कहा कि केंद्र से दावत नामा तो मिला है पर एजेंडा नहीं है.

Advertisement
X
महबूबा मुफ्ती पहुंची दिल्ली (फोटो- Tariq Lone/India Today)
महबूबा मुफ्ती पहुंची दिल्ली (फोटो- Tariq Lone/India Today)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी संग बैठक के लिए दिल्ली पहुंची महबूबा
  • पैंथर्स पार्टी के चीफ भीम सिंह ने की पीएम की तारीफ
  • 24 जून को होने वाली है महत्वपूर्ण बैठक

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कल (24 जून) दिल्ली में जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक है. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला सरीखे बड़े नेता भी शामिल होने वाले हैं. इस बीच दिल्ली पहुंचते ही महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि मैं यहां खुले दिमाग से पीएम मोदी से बात करने आई हूं.

Advertisement

पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती अपनी पार्टी के प्रवक्ता सुहैल बुखारी के साथ दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची. यहां उन्होंने कहा कि 'पीएम से मिलने के बाद ही बात करेंगे. खुले दिमाग से पीएम से मिलने आए हैं.'महबूबा के अलावा पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD), कांग्रेस और कई अन्य जम्मू-कश्मीर के दलों के नेताओं द्वारा केंद्र का निमंत्रण स्वीकार कर लिया गया है. ये बैठक आर्टिकल 370 को निरस्त करने पर संसद द्वारा मतदान के लगभग दो साल बाद हो रही है. 

वहीं जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी के चीफ भीम सिंह ने कहा कि केंद्र से दावत नामा तो मिला है पर एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से तमाम मतभेद के बावजूद उन्होंने मीटिंग बुलाकर बहुत हिम्मत, समझदारी और सूझबूझ दिखाई है. 

फ्लाइट में महबूबा मुफ्ती

भीम सिंह ने कहा कि 35-ए हटाना तो ठीक था मगर मेरी नजर में आर्टिकल-370 को रद्द करने की प्रक्रिया सही नहीं थी. आज भी कोई ये सवाल नहीं उठाता कि जम्मू-कश्मीर रियासत के भारतीय संघ में विलय का पत्र कहां है? सभी रियासतों के विलय को मंजूरी मिली तो जम्मू कश्मीर को तब क्यों छोड़ा गया? पैंथर्स पार्टी के चीफ ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के नाम पर सबको इतनी चिढ़ क्यों है मेरी समझ में नहीं आता?

Advertisement

बता दें कि दिली में जम्मू-कश्मीर की सर्वदलीय बैठक के लिए केंद्र सरकार की ओर से वहां के कुल 16 नेताओं को न्योता भेजा गया है. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370, 35ए हटने के बाद केंद्र द्वारा राज्य के नेताओं द्वारा संवाद की ये सबसे बड़ी पहल मानी जा रही है.

पीएम मोदी की 24 जून को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में जिन भी नेताओं को न्योता दिया गया है, उन्हें अपने साथ एक निगेटिव कोविड रिपोर्ट लानी होगी. इस बारे में नॉर्थ ब्लॉक के एक बड़े अधिकारी ने बताया है कि ये मीटिंग आमने-सामने बैठकर होने जा रही है, ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी से निगेटिव कोविड रिपोर्ट लाने को कहा गया है. 

Advertisement
Advertisement