तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने पहली बार सात विशेष आमंत्रित लोगों को नॉमिनेट किया है जिनमें विवादित खनन कारोबारी एजे शेखर (शेखर रेड्डी) का भी नाम शामिल है. 2016 में तत्कालीन चंद्रबाबू नायडू सरकार की ओर से सीबीआई-ईडी की छापेमारी के बाद उन्हें बोर्ड से हटा दिया गया था.
छापेमारी में उनके यहां 2 हजार के नए नोटों की बड़ी धनराशि जब्त हुई थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. तत्कालीन चंद्रबाबू नायडू की सरकार के दौरान सीबीआई और ईडी ने कई बार रेड डाली थी, जिसके बाद उनकी बोर्ड से बाहर कर दिया.
साल 2016 में शेखर रेड्डी के स्वामित्व वाली कई जगहों पर छापेमारी की गई थी जिसके बाद उनके ठिकानों से 130 करोड़ कैश (34 करोड़ नए नोट) और 177 किलो सोना बरामद किया गया था.
बालू माफिया शेखर रेड्डी बड़ी पहुंच के नेता बताए जाते हैं. इससे पहले भी शेखर रेड्डी तिरुपति तिरुमला देवस्थानम का सदस्य रह चुके हैं लेकिन मनी एक्सचेंज रैकेट में नाम आने के बाद इन्हें इस बोर्ड से हटा दिया गया था. शेखर रेड्डी की कंपनी जेएसआर इंफ्रा डेवलपर्स को तमिलनाडु में तमाम बड़े प्रोजेक्ट्स का ठेका मिला हुआ था.