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बुलेट ट्रेन का सपना पूरा करने के लिए ये है मोदी सरकार का प्लान

बुलेट ट्रेन का सपना दिखाने वाली मोदी सरकार अब भारतीय रेलवे की रफ्तार बढ़ाने के लिए आधुनिक ट्रेन-सेट लाने की तैयारी कर रही है. ट्रेन सेट ऐसी ट्रेनें है जैसी मेट्रो की ट्रेन.

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बुलेट ट्रेन का सपना दिखाने वाली मोदी सरकार अब भारतीय रेलवे की रफ्तार बढ़ाने के लिए आधुनिक ट्रेन-सेट लाने की तैयारी कर रही है. ट्रेन सेट ऐसी ट्रेनें है जैसी मेट्रो की ट्रेन. इस तरह की ट्रेनों से रेलवे को 160 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर मौजूदा रेलवे लाइनों पर चलाना मुमकिन होगा.

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रेल मंत्रालय ट्रेन सेट्स दौड़ाने की तैयारी कर रहा है. ओपन बिडिंग के जरिए रेलवे 15 ट्रेन सेट्स खरीदेगा. इस दिशा में रेलवे 12 अगस्त को RFQ यानी REQUEST FOR QUALIFICATION खोलने जा रहा है. RFQ से पहले प्री बिडिंग सेशन में 25 डोमेस्टिक और विदेशी कंपनियों ने इस टेंडर के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है इन कंपनियो में एलस्टॉम, हिताची इंडिया प्रा.लि., बॉम्बाडियर ट्रांसपोर्टेशन इंडिया प्रा.लि., सीमेंस, ह्युंदै रोटम जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

31 अगस्त तक पहला राउंड
12 अगस्त को RFQ की प्रकिया शुरू की जाएगी जो कि 31 अगस्त तक चलेगी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस प्रकिया के दौरान रेलवे की नियमों पर खरा उतरने वाली 7-8 कंपनियों का चयन किया जाएगा, जो आगे RFP की प्रकिया में हिस्सा लेंगी.

15 नवंबर तक पूरा होगा पहला टेंडर!
रेलवे मंत्रालय के एडीजी (पीआर) अनिल सक्सेना ने बताया कि 15 सेट्स खरीदने के लिए रेल मंत्रालय ने 2500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. सूत्रों के मुताबिक RFQ की प्रकिया में जो कंपनी कम बोली लगाएगी उसे ये टेंडर मिल जाएगा. RFP में हिस्सा लेने वाली हर कंपनी को ढाई लाख रुपये अरनेस्ट मनी जमा कराना जरूरी होगा. RFQ की प्रकिया 21 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. रेल मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, 15 नवबर तक 15 ट्रेन सेट्स के टेंडर की प्रकिया पूरी कर ली जाएगी.

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सक्सेना ने बताया कि जो कंपनी इस टेंडर को हासिल करेगी उसके लिए देश में मैन्यूफैकचरिंग यूनिट लगाना जरूरी होगा ताकि मोदी सरकार के मेक इन इंडिया विजन को भी बल मिले.

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