भारत को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों में गिना जाता है. खासकर सफर के दौरान तो महिलाओं की सुरक्षा पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं. लेकिन एक सर्वे इस तरह की बात को पूरी तरह से नकारता है. यात्रा में पेश आने वाली विभिन्न चुनौतियों के बाद भी देश में ज्यादातर महिलाओं को यह नहीं लगता है कि अकेले सफर करना असुरक्षित है, हालांकि विदेशी गंतव्य अब भी अधिक सुरक्षित माने जाते है. एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई है.
ट्रिप एडवाइजर के इंडिया कंट्री मैनेजर निखिल गंजू के मुताबिक, 'पेश आने वाली चुनौतियों के बावजूद अकेले सफर करने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि को देखना उत्साहजनक है. साथ ही ऐसा लगता है कि अब कम संख्या में भारतीय महिलाएं (पिछले साल के 33 फीसदी के मुकाबले इस साल 11 फीसदी) अकेले सफर करना असुरक्षित मानती हैं.' इस प्रमुख यात्रा साइट ने अपने सालाना महिला यात्री सर्वेक्षण 2015 के नतीजों का खुलासा किया है. भारत में इसके तहत 1300 महिलाओं से बात की गई थी.
भारत सहित दुनिया भर में करीब 10,481 महिलाओं ने सर्वेक्षण में भाग लिया. गंजू ने बताया कि विदेशी गंतव्य अब भी अधिक सुरक्षित माने जाते हैं. सिर्फ एक फीसदी महिलाओं ने विदेश यात्रा के बारे में घबराहट होने के संकेत दिए. रिपोर्ट के मुताबिक अकेले सफर करने वाली 41 फीसदी महिला यात्रियों ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को 10 शीर्ष भारतीय शहरों में सर्वाधिक असुरक्षित बताया जिसके बाद जयपुर और कोलकाता का स्थान है.
सुरक्षित शहरों में अहमदाबाद सबसे ऊपर है जिसके बाद पुणे ओर मुंबई का स्थान है. बंगलूरु पिछले साल के तीसरे पायदान से इस साल पांचवे स्थान पर खिसक गया. वहीं, 79 फीसदी महिलाओं ने अकेले सफर करते हुए देर रात बाहर निकलने की बात से इनकार किया.
- इनपुट भाषा से