एक तरफ तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज तक के पत्रकार अक्षय सिंह के विसरा की जांच एम्स में कराने के लिए तैयार हैं, वहीं उन्हीं के एक मंत्री ने उनके सामने ही इस मामले में असंवेदनशील बयान डे डाला.
विजयवर्गीय की सफाई
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम चौहान के सामने ही पत्रकारों से अक्षय सिंह की मौत पर बात करने हुए कहा, 'पत्रकार हमसे बड़ा होता है क्या?' हालांकि कुछ घंटे बाद उन्होंने सफाई भी दे दी.
साबित करने की दी चुनौती
विजयवर्गीय ने कहा, 'मैंने ये लाइनें अक्षय के लिए नहीं कही थीं. उस वक्त मैं एक चैनल के दूसरे रिपोर्टर के साथ बात कर रहा था और जब किसी ने उन्हें 'वरिष्ठ पत्रकार' कहा तो मैंने कहा- पत्रकार हमसे बड़ा होता है क्या. मैं दिल्ली सिर्फ अक्षय के परिवार से मिलने गया था. मैं किसी मृत व्यक्ति के लिए ऐसी बात कैसे कर सकता हूं और अगर कोई यह साबित कर दे कि ये बात मैंने दिवंगत अक्षय सिंह के लिए कही थी तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.'
रिपोर्टिंग के दौरान हुई मौत
व्यापम घोटाले से जुड़े मामले में रिपोर्टिंग करने गए आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत हो गई. शनिवार को वह मध्य प्रदेश के झाबुआ में घोटाले से जुड़ी नम्रता डामोर के घर मेघनगर गए थे. वहीं अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई. अब तक उनकी मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है. अक्षय आज तक की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम का हिस्सा थे. उन्होंने कई बड़े खुलासे किए हैं.