जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी यानी जायका ने मुबंई अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के बारे में अपनी अंतिम रिपोर्ट सोमवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभू को सौंप दी है. रिपोर्ट में पूरे प्रोजेक्ट की संभावित लागत के साथ-साथ इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभाव का भी अध्ययन किया गया है.
अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन पर अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद अब मोदी सरकार को फैसला लेना है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन को कैसे और कब साकार किया जाए. जायका रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन आजतक के हाथ लगी खबर के मुताबिक जायका रिपोर्ट में बुलेट ट्रेन की लागत में जबरदस्त बढ़ोतरी की बात की गई है.
जायका ने अपनी शुरुआती आंकलन में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का लागत 62 हजार करोड़ रुपये के करीब आंकी थी. जायका की अंतिम रिपोर्ट में अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की लागत तकरीबन 1 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है.
लागत में बढ़ोतरी के पीछे बढ़ी हुई महंगाई और कच्चे माल की कीमत में हुई बढ़त को जिम्मेदार माना जा रहा है.
अहमदाबाद-मुंबई के बीच 505 किलोमीटर की लंबाई का हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा. इस दूरी को तय करने में बुलेट ट्रेन 2 घंटे लेगी. इस हाईस्पीड रुट में 12 स्टेशन बनाए जाएंगे. बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.
रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जायका ने अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के लिए शिन्कान्सेन (Shinkansen) मॉडल को सुझाया है. जायका की इस स्टडी में पैसेंजर, बिजनेश माडयूल, सामाजिक प्रभाव और पर्यावरण जैसे तमाम पहलुओं पर भी विस्तार से विचार किया गया है.