हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फटकार खाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने उनसे शिकायत की है कि पार्टी के लिए उनकी ईमानदारी से की गई सेवाओं को न तो देखा गया, न ही सराहना की गई.
सोनिया गांधी की टिप्पणी वाले दिन ही लिखे पत्र में शशि थरूर ने कहा, 'मैं आज सुबह की बैठक की बातों से आश्चर्यचकित हूं, वास्तव में निराश हूं. आज के अखबारों में अगर आपने प्रेस में लीक हुई बातों को पढ़ा हो, तो यह पता चलता है कि मुझे निशाना बनाकर आक्षेप लगाए गए और मुझे पार्टी में अलग-थलग दिखाया गया.'
फटकार के लिए उकसावे का कारण उनके द्वारा कथित तौर पर उन बातों का रहस्योद्घाटन किया जाना है कि कांग्रेस की 21 जुलाई को हुई बैठक में संसद को बाधित करने की रणनीति बनी. पिछले साल नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कई अवसरों पर उनकी तारीफ कर शशि थरूर मुसीबत मोल ले चुके हैं. इसके लिए पार्टी के अंदर उनकी आलोचना हुई है.
थरूर ने पहले स्वच्छ भारत अभियान में शामिल होने के प्रधानमंत्री के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया था. हाल ही में योग पर मोदी के अभियान की प्रशंसा भी की. उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री जिस देश का भी दौरा करते हैं, वहां सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं, भले ही वे यूपीए की नीतियों का ही पालन करते हों.
थरूर ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने 21 जुलाई की बैठक के बाद मीडिया से बात की, वे उन्हें परेशानी में डालना चाहते हैं. थरूर ने कहा कि इसके पीछे एजेंडा हो सकता है.
थरूर ने पत्र में लिखा, 'सुबह आपकी टिप्पणियां इस विचार पर आधारित थीं कि रहस्योद्घाटन के लिए मैं जिम्मेदार हूं. खुद की किरकिरी कराने और पार्टी के अंदर अपने रुख के लिए मैं मीडिया से क्यों बात करूंगा?'
उन्होंने अंत में लिखा है, 'मुझे उम्मीद है कि न तो मेरे व्यवहार, न ही मेरी मंशाओं को लेकर कोई गलतफहमी होगी. मैं ईमानदारी से अपनी क्षमताओं के मुताबिक पार्टी के हितों के लिए काम करता हूं, जबकि मुझे महसूस होता है कि इसको न तो देखा गया, न ही इसकी सराहना की गई. पिछले 24 घंटे में हुई घटनाओं से पता चलता है कि मामला ऐसा ही है.'
पत्र के बारे में पूछने पर थरूर ने कहा, 'मैं न तो पुष्टि करूंगा, न ही इनकार करूंगा, क्योंकि इस तरह के सवालों का जवाब देने से आप के सवालों को वैधता मिलती है.' यह पूछने पर कि क्या वह पार्टी से नाखुश हैं, तो केरल से सांसद ने कहा, 'मैं कहना चाहूंगा कि अपनी भूमिका से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं और कांग्रेस पार्टी के अंदर काम कर रहा हूं.'
पत्र में थरूर ने रहस्योद्घाटन के पीछे एजेंडा होने का संदेह जताया और विभिन्न खबरों का हवाला दिया, खासकर मलयालम मीडिया की खबरों का जिक्र किया कि उनके आरोपों को लेकर सोनिया ने उन्हें फटकारा.
पत्र में उन्होंने कहा, 'पार्टी की वफादारी के लिए मैंने बोलना बंद कर दिया है, कल भी मैंने बात करने से मना कर दिया. लेकिन रहस्योद्घाटन करने वाले खुश होंगे, क्योंकि वे मेरी बेइज्जती कराने में सफल रहे.' उन्होंने कहा, 'कुछ लोग आपको मनाने में सफल रहे कि मैं पार्टी हितों के खिलाफ प्रेस में बोल रहा हूं. सच्चाई सच्चाई रहेगी.'
इनपुट: भाषा