एक मुहावरा जो अक्सर बोल-चाल में हम सुनते रहते हैं, 'बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह'… कुछ ऐसे ही गुल खिलाये हैं आसाराम के कपूत नारायण साईं ने, जिसने एक तलाकशुदा लड़की की धोखे से एक ऐसे इंसान से शादी करवा दी, जिसकी जमीन पर उसकी अय्याशी का अड्डा चलता था.
लड़की को नारायण साईं ने बोलने और कुछ सोचने तक का मौका नहीं दिया. चंद दिनों में ही लड़की को पता चला कि उसके साथ उस इंसान ने धोखा किया है जिसे वह भगवान मानती थी. इतना ही नहीं जब वह लड़की नारायण से ये शिकायत करने पहुंची कि उसने जिससे उसकी शादी कराई है वह तलाकशुदा नहीं है, तो नारायणसाईं ने उसके साथ ये जानते हुए अश्लील हरकत की कि वह गर्भवती है. साथ ही उस लड़की को गर्भ गिराने के लिए जान से मारने की लगातार धमकी दी.
पीड़ित महिला का कसूर सिर्फ इतना था की वह खूबसूरत थी, जिस पर नारायण साईं की गंदी नजर थी और वही से शुरू हुए उसके मुसीबत के दिन. एक तलाकशुदा लड़की जिसका पूरा परिवार बापू और नारायण को भगवान की तरह मानता था. इंदौर में आसाराम के आश्रम के ठीक पास रहते थे, दिनांक 10 दिसंबर 2004 को नारायण सांई ने अपने करीबी ईश्वर वाधवानी को अपनी कुटिया (फार्महाउस, जो ईश्वर का ही है) को बुलवाया. साथ ही महिला को भी बुलवाया. दोपहर दो बजे ईश्वर को अपना भक्त बताते हुए महिला की शादी उससे करवा दी. इस शादी में सिर्फ ईश्वर के परिजन ही थे जबकि महिला के घर से कोई भी नहीं था. नारायण ने महिला से कहा कि ये मेरे नहीं, भगवान के आदेश से हो रहा है. फिर महिला के पिता को नारायण ने फोन कर कहा की उन्होंने उनकी बेटी की शादी करवा दी है. वह अपने ससुराल जा रही है, उसे आशीर्वाद देना. फर्राटेदार इंग्लिश बोलनेवाली पढ़ी लिखी महिला धोखे से अनजान थी. लेकिन शादी के दो माह बाद ही गर्भवती हुई और पति के बदलते स्वभाव से उसे पता चल गया की वह धोखे का शिकार हुई.
उसे शादी के तीन माह बाद पता चल गया की उसकी शादी जिस ईश्वर से कराई गई है उसकी पहली पत्नी से तलाक नहीं हुआ है. उसे गर्भ गिराने की धमकी मिल रही थी. महिला ने तय किया कि वह भ्रूण हत्या नहीं करेगी और बच्चे को जन्म देगी. लिहाजा उसपर मुसीबत के पहाड़ टूटने लगे. वह भाग कर अपने मायके आ गयी.
29 जनवरी को नारायण साईं अपने जन्मदिन के दिन इंदौर के महू में प्रवचन के लिए आये तो पीड़ित महिला ने सोचा कि नारायण साईं से पूछें कि उन्होंने उसकी जिन्दगी क्यों बिगड़ दी. यही सोचकर महिला महू पहुची तो नारायण ने उसे अपने शयनकक्ष में बुलाया और इसके पहले वह बोल पाती, नारायण सांई ने उसके साथ अश्लील हरकत कर दी. इस घटना के बाद महिला का अपने भगवान से पूरा भरोसा उठ गया. तमाम तकलीफों के बाद उसने एक बेटे को 1 सितम्बर को जन्म दिया और उसका नाम हरि रखा. लेकिन इस बच्चे का दुर्भाग्य देखिये कि इसके बाप ने इसे अपना होने से इनकार कर दिया और यही से शुरू हुई उस मान के संघर्षों की कहानी जो अपने बेटे को पिता का नाम देने के लिए आज भी लड़ रही है...
2004 में पीड़ित महिला ने अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई. लेकिन विडम्बना देखिये कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन उसमें नारायण साईं के कुकृत्य का उल्लेख भी नहीं किया. मामला कोर्ट पहुंचा जहां महिला ने लिखित में कोर्ट को नारायण साईं की धोखाधड़ी बताई.
लेकिन करोड़पति ईश्वर वाधवानी और नारायण साईं के खिलाफ मामला देखकर वकीलों की लार टपकी. लिहाजा महिला के साथ कागजी खेल शुरू हुआ.
अब महिला को आसाराम की करतूतों के समाचारों में आने से हिम्मत मिली और तमाम धमकियों को दरकिनार करते हुए वह एसपी अनिल कुशवाह के ऑफिस शिकायत के साथ गुरुवार को जा पहुंची लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौटी.
अब शुक्रवार को महिला नारायण साईं और उनके अजीज ईश्वर वाधवानी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश करने जा रही है, इस उम्मीद के साथ की उसे न्याय मिले और उसके बेटे को बाप का नाम मिले साथ ही नारायण सांई को उसके पाप की सजा मिल सके.