प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को कच्छ में पुलिस अधिकारियों के अखिल भारतीय सम्मेलन में शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ आतकंवादी संगठन आईएस की कोशिश को विफल करने के तौर तरीकों समेत सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं. पचासवां अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक महानिरीक्षक सम्मेलन भारत पाकिस्तान सीमा के समीप 18-30 दिसंबर के दौरान धोरडो गांव में हो रहा है जहां आतंरिक सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दे भी चर्चा के दौरान उठेंगे.
राजनाथ सिंह भी होंगे शामिल
सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृहराज्य मंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी भी मौजूद रहेंगे. पिछले साल यह सम्मेलन नवंबर में गुवाहाटी में हुआ था. गुजरात के पुलिस महानिदेशक पी सी ठाकुर ने पहले कहा था कि जिन मुद्दों पर चर्चा होगी उनमें एक मुद्दा भारत पर आईएस की योजना तथा भारतीय मुसलमानों को कट्टरपंथ के गिरफ्त में आने से रोकने तथा इस वैश्विक आतंकवादी संगठन के दुर्भावनापूर्ण प्रचार का शिकार बनने से रोकने के तौर तरीके होगे. सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी करती है. इसमें विभिन्न पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सभी प्रमुख हिस्सा लेंगे.
राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों. पुलिस महानिरीक्षकों के अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी, केंद्रीय जांच एजेंसी, आईबी तथा नारकोटिक्स विभाग के प्रमुख भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के सम्मेलन में पहुंचने के मद्देनजर गुजरात पुलिस और राज्य सरकार ने आयोजन स्थल और उसके इर्द-गिर्द सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है. ठाकुर ने गुजरात के मुख्य सचिव जी आर आलोरिया के साथ हाल ही इस आयोजन स्थल का दौरा किया था और सभी तैयारियों का जायजा लिया था एवं सुरक्षा प्रबंध की समीक्षा की थी.
पड़ोसी राज्यों को भी अलर्ट
गुजरात सीआईडी के पुलिस महानिदेशक प्रमोद कुमार ने कहा, ‘हमने पहले ही राज्य पुलिस, भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है ताकि राज्य के भूमि सीमा मार्ग से या तटीय क्षेत्रों से कोई घुसपैठ नहीं कर सके.' हमने चौकसी रखने और सुरक्षा व्यवस्था कडी करने के लिये पड़ोसी राज्यों को भी अलर्ट कर दिया है. केंद्रीय आईबी के अनुसार राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री की अगुवाई में उद्घाटन भाषण देंगे. मोदी पूरे सम्मेलन के दौरान मौजूद रहेंगे और वह समापन दिवस पर अपना भाषण देंगे.