पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के हबल (Hubble) टेलीस्कोप ने अपने सौर मंडल से दूर एक ऐसा ग्रह खोजा है जहां पानी भाप के रूप में मौजूद है. नासा ने बताया कि इस ग्रह का नाम K2-18B है. यह पृथ्वी से आकार में बड़ा है और इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति भी पृथ्वी से ज्यादा है. इसके अलावा इस ग्रह पर पृथ्वी जैसा वायुमंडल भी है. यह भी उम्मीद है कि इस पथरीले ग्रह पर पानी के बड़े और गहरे स्रोत हों. इसलिए वैज्ञानिक इसे रहने योग्य ग्रह मान रहे हैं.
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यूनिवर्सटी कॉलेज ऑफ लंदन के स्पेस एक्सोकेमिस्ट्री डाटा के अंतरिक्ष विज्ञानियों ने बताया कि हमने नासा के हबल टेलीस्कोप से मिली तस्वीरों और डेटा का एनालिसिस करने के बाद ये नतीजे निकाले हैं. K2-18B ग्रह पृथ्वी से 110 प्रकाश वर्ष दूर लियो नक्षत्र में है. यह पहला ऐसा ग्रह है जिसपर पानी और वायुमंडल दोनों हैं. हमारे अध्ययन में यह भी पता चला है कि वहां की पथरीली जमीन पर पानी के बड़े और गहरे जलस्रोत भी हैं.
For the first time, researchers using Hubble have detected water vapor signatures in the atmosphere of a planet beyond our solar system that resides in the "habitable zone." For more information: https://t.co/vUa2NbkbwU pic.twitter.com/ey3uz2ynMk
— Hubble (@NASAHubble) September 11, 2019
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के वैज्ञानिकों ने कहा कि K2-18B ग्रह पर उच्च-स्तर का रेडिएशन भी हो सकता है. K2-18B ग्रह का वजह पृथ्वी से आठ गुना ज्यादा है. इसलिए यह उम्मीद है कि इस ग्रह की गुरुत्वाकर्षण शक्ति भी पृथ्वी की तुलना में ज्यादा है. इस ग्रह के वायुमंडल में हाइड्रोजन और हीलियम भी मिले हैं. इसके अलावा, यह उम्मीद भी है कि इस ग्रह पर यहां पर नाइट्रोजन और मीथेन भी हो, लेकिन अब तक रिसर्च में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली.
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यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के वैज्ञानिकों ने कहा कि K2-18B ग्रह पर आगे की स्टडी में यह पता किया जाएगा कि वहां पर बादल कितने हैं. साथ ही वायुमंडल में पानी की कितनी मात्रा है. इस ग्रह के बारे में सबसे पहले नासा के केपलर स्पेस टेलीस्कोप ने 2015 में जानकारी दी थी. लेकिन, ज्यादा जानकारी के लिए हबल टेलीस्कोप को तैनात किया गया.
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