केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि संप्रग-2 का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नक्सलवादियों से निजात पा लिया जाएगा.चिदंबरम ने नक्सलवाद को जिहादी आतंकवाद से ‘ज्यादा गंभीर समस्या’ बताया और इंगित किया कि देश के 200 जिलों में नक्सलवादियों की मौजूदगी है और वे वस्तुत: 35 जिलों को नियंत्रित करते हैं.
आतंकवाद को लेकर इंडिया टुडे कॉनक्लेव में गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान आतंक की गढ़ बन गए है. चिदंबरम की पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक के बीच आज उस समय असामान्य रूप से कहासुनी भी हो गई जब मंत्री ने यह कहा कि सीमा पार के सभी आतंकी संगठनों को आईएसआई से समर्थन मिलता है.
पाक उच्चायुक्त ने इसे खारिज करते हुए कहा कि भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में पाक सरकार का कोई संगठन शामिल नहीं है.
चिदंबरम ने यहां ‘इंडिया टुडे कान्क्लेव’ में अपनी शुरुआती टिप्पणी में पाकिस्तान का कोई जिक्र नहीं किया लेकिन प्रश्नोत्तर सत्र में इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पाकिस्तान की ओर से राज्य प्रायोजित आतंकवाद पर चिंता जताई.
उन्होंने लश्कर ए तैयबा जैश ए मोहम्मद और कुछ अन्य समूहों का नाम लेते हुए कहा ‘यह किसी से छिपा नहीं है कि प्रत्येक आतंकी संगठन आईएसआई द्वारा समर्थित है.’ इस आरोप का जवाब देने के प्रयास में पाकिस्तानी दूत ने बलूचिस्तान में भारत की कथित संलिप्तता और अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास की गतिविधियों का मुद्दा उठाया.
पाकिस्तान आरोप लगा चुका है कि भारतीय दूतावास पाकिस्तान के लिए परेशानी पैदा कर रहा है जिसका भारत द्वारा खंडन किया जा चुका है.
शाहिद मलिक ने कहा ‘कोई भी सरकारी संगठन भारत के हितों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल नहीं है.’ चिदंबरम ने उम्मीद जताई कि सरकार कुछ साल में माओवादियों पर अंकुश लगाने में कामयाब हो जाएगी. केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘हमें विश्वास है कि संप्रग-2 का कार्यकाल समाप्त होने से पहले हम नक्सलवादियों से निजात हासिल कर लेंगे और किसी खतरे का सामना करने के लिए अपनी सुरक्षा खासी सुदृढ़ कर लेंगे.’ चिदंबरम ने नक्सलवाद को जिहादी आतंकवाद से ‘ज्यादा गंभीर समस्या’ बताया और इंगित किया कि देश के 200 जिलों में नक्सलवादियों की मौजूदगी है और वे वस्तुत: 35 जिलों को नियंत्रित करते हैं.
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘उन्होंने (माओवादियों ने) भारतीय राज्य के खिलाफ जंग की घोषणा की है. वे विकास विरोधी हैं. वे नहीं चाहते कि गरीबों का उत्थान हो या वे आर्थिक आजादी हासिल करें.
चिदंबरम ने कहा कि मानवाधिकार समूह गलत तौर पर सोचते हैं कि नक्सलवादी गरीबों के हिमायती हैं. उन्होंने कहा कि जिहादी आतंकवाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गिर्द केन्द्रित है और बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव को भी प्रभावित कर रहा है. इसलिए, दक्षिण एशिया के देशों को इसपर अंकुश लगाने के लिए मिलजुल कर काम करना चाहिए.उन्होंने कहा कि शेख हसीना के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश से उग्रवाद से निबटने के लिए ‘शानदार सहयोग’ मिल रहा है, लेकिन उन्होंने नेपाल के हाल के घटनाक्रम पर चिंता जताई और कहा कि वहां भारत विरोधी गतिविधियां पनप रही हैं.