लोकसभा सचिवालय ने संसद के पुर्ननिर्माण या फिर नए संसद भवन के निर्माण के बारे में सांसदों से राय मांगी है. लोकसभा सचिवालय ने सभी सांसदों को पत्र लिखा है. पत्र में लिखा है कि संसद भवन के पुर्ननिर्माण या फिर मौजूदा परिसर में ही बिल्कुल नए संसद भवन के निर्माण पर गंभीरता से विचार चल रहा है. पत्र में सांसदों से मौजूदा संसद भवन में सुधार और बदलाव के लिए सुझाव देने की बात कही गई है. नए भवन के निर्माण में सांसदों की राय पर विचार किया जाएगा.
मोदी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट
बता दें, मोदी सरकार ने लुटियंस जोन का पूरा नक्शा बदलने की दिशा में काम शुरू किया है. सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो देश को नई संसद और नया केंद्रीय सचिवालय नसीब होगा. मोदी सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय ने प्रस्ताव भी मांगे हैं. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों से मिले प्रस्तावों पर सरकार फैसला लेगी. फिर एक डिजाइन चुनकर संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय सहित राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के इलाके को नया लुक देने पर काम होगा.
भूकंपरोधी होगा नया भवन
मौजूदा संसद भवन पुराने समय की जरूरतों के मुताबिक बना था. यहां पर मंत्रियों के बैठने के लिए चैंबर तो हैं मगर सांसदों के बैठने के लिए कक्ष नहीं हैं. सांसदों के साथ चलने वाले निजी स्टाफ के भी बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है. अब मंत्रियों के साथ सांसदों के लिए भी कक्ष की व्यवस्था होगी. ताकि वे संसद भवन में बैठकर ही जरूरी सरकारी कार्य कर सकें. नया संसद भवन पूरी तरह भूकंपरोधी होगा.