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NewsWrap: नारायण साईं की नई पहचान, कैदी नंबर 1750, पढ़ें गुरुवार सुबह की 5 बड़ी खबरें

सूरत के सेशन कोर्ट के फैसले के बाद अब नारायण साईं की पहचान बदल गई है. अब वह कैदी नंबर 1750 है. नारायण साईं के साथ अब एक कैदी की तरह बर्ताव होगा. उसे लाजपोर जेल के बैरक नंबर 6 में रखा गया है. साथ ही रेलवे ने यात्रियों को कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है. साथ ही पढ़ें गुरुवार सुबह की 5 बड़ी खबरें.

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पढ़ें गुरुवार सुबह का NewsWrap
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सूरत के सेशन कोर्ट के फैसले के बाद अब नारायण साईं की पहचान बदल गई है. अब वह कैदी नंबर 1750 है. नारायण साईं के साथ अब एक कैदी की तरह बर्ताव होगा. उसे लाजपोर जेल के बैरक नंबर 6 में रखा गया है. साथ ही रेलवे ने यात्रियों को कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है. साथ ही पढ़ें गुरुवार सुबह की 5 बड़ी खबरें.

1. नारायण साईं की नई पहचान, कैदी नंबर 1750, पता लाजपोर जेल, बैरक नंबर 6

सूरत के सेशन कोर्ट के फैसले के बाद अब नारायण साईं की पहचान बदल गई है. अब वह कैदी नंबर 1750 है. नारायण साईं के साथ अब एक कैदी की तरह बर्ताव होगा. उसे लाजपोर जेल के बैरक नंबर 6 में रखा गया है.

2. फानी चक्रवाती तूफान: ओडिशा में 103 ट्रेनें रद्द, सेना और NDRF हाई अलर्ट पर

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ओडिशा के भद्रक और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम के बीच रेलवे सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा भुवनेश्वर और पुरी की ओर जाने वाली ट्रेनों को गुरुवार यानी 2 मई की शाम से रोक दिया जाएगा.

3. मसूद अजहर पर ऐसे झुका चीन, भारत की आक्रामक कूटनीति और दुनिया का दबाव आया काम

यूएनएससी में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगने के बाद विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई भारत के रुख के अनुसार हुआ है.

4. प्रियंका के ‘वोट कटवा’ पर अखिलेश का जवाब– कोई पार्टी नहीं उतारती कमजोर उम्मीदवार

अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि कांग्रेस ने ऐसा कुछ किया होगा, क्योंकि कोई भी पार्टी ऐसा नहीं करना चाहती है. लोग कांग्रेस के साथ नहीं हैं. अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है.

5. काशी के रण से आउट हुए BSF से बर्खास्त जवान तेजबहादुर, जानिए अब कैसी रह गई लड़ाई

कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन चाहे जो कहें लेकिन नरेंद्र मोदी के खिलाफ जैसे उम्मीदवार उतारे गए हैं उससे यही कहा जा सकता है कि इस बार वाराणसी का चुनाव चर्चा से बाहर हो गया है. एक तरह से विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी को वॉकओवर दे दिया है.

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