1- मरकज की लापरवाही पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, मौलाना के खिलाफ केस दर्ज
दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज मामले में कार्रवाई की तैयारी है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं. इससे पहले मंगलवार को ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी.
2- कोरोना की कैंची: स्पाइसजेट 10 से 30 फीसदी तक काटेगी कर्मचारियों की सैलरी
कोरोना का प्रकोप एविएशन कंपनियों पर कहर बनकर टूट पड़ा है. एविएशन कंपनी स्पाइसजेट ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में 10 से 30 फीसदी तक कटौती करने का निर्णय लिया है. कोरोना की वजह से भारत सहित दुनिया के करीब एक—तिहाई देशों में लॉकडाउन के हालात है. ऐसे में यह ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए कहर बनकर टूटा है. भारत में भी हवाई यात्रा पर पूरी तरह से पाबंदी है. इसकी वजह से एविएशन कंपनियों की हालत खराब है.
3- पद संभालते ही एक्शन में आए नोएडा के डीएम, कोरोना पर की मैराथन मीटिंग
गौतमबुद्ध नगर के नवनियुक्त डीएम सुहास ने कोरोना के खिलाफ जंग शुरू कर दी है. वे मंगलवार सुबह लखनऊ से नोएडा पहुंचे और अपना कार्यभार संभाला. इसी के साथ ही उन्होंने कोरोना पर कई बैठकें की हैं. उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और जिले में कोरोना संक्रमण का ताजा अपडेट लिया. जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ भी बैठक की.
4- सरकार ने लोगों पर फोड़ा कोरोना का ठीकरा, कहा- समर्थन न मिलने से बढ़ रहे हैं केस
देश में महामारी कोरोना वायरस के केस लगातार बढ़ रहे हैं. कोरोना मरीजों की संख्या 1400 पार चली गई है, जबकि 41 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना के मरीजों की संख्या में हो रहे इजाफे के लिए सरकार ने लोगों को ही जिम्मेदार ठहराया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि कोरोना से लड़ाई के लिए हम सबको साथ आना होगा. हमें साथ लड़ना होगा. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि लोगों का समर्थन नहीं मिलने से मामले बढ़ रहे हैं.
5- कोई खेल नहीं, तो कोई सैलरी नहीं - IPL रद्द होने पर क्या ऐसा होगा..?
कोई खेल नहीं, तो कोई वेतन नहीं. इस साल आईपीएल में करार करने वाले खिलाड़ियों के साथ भी ऐसा हो सकता है, क्योंकि अभी इसे स्थगित कर दिया गया है और तब तक इसके आगे आयोजित होने की संभावना नहीं है, जब तक बीसीसीआई साल के अंत में इसकी वैकल्पिक विंडो तैयार नहीं कर लेता.