1- महाराष्ट्र पर 4.7 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ गए हैं फडणवीस, उद्धव कहां से लाएंगे पैसा?
उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही देश की आर्थिक राजधानी में ठाकरे सरकार की शुरुआत हो गई. यह पहली बार है जब ठाकरे परिवार का कोई सदस्य मुख्यमंत्री पद को संभाल रहा है. ऐसे में बतौर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर मिलने वाली है. दरअसल, आर्थिक मोर्चे पर राज्य की स्थिति ठीक नहीं है.
2- नायडू विलेन और जगन हीरो? रामगोपाल वर्मा की नई फिल्म पर बवाल, शिकायत दर्ज
बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा की नई फिल्म पर आंध्र प्रदेश में विवाद हो गया है. ‘कम्मा राज्यम लो कडापा रेडलू’ (Kamma Rajyam Lo Kadapa Reddlu) नाम की ये फिल्म आंध्र की राजनीति पर आधारित है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पतन, मौजूदा मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के राजनीतिक करियर के बढ़ने की कहानी को दर्शाया गया है.
3- दो नक्शों से समझें, कैसे केंद्र में मजबूत, राज्यों में कमजोर दिख रही है BJP
महाराष्ट्र में करीब एक महीने की नाटकीय सियासत के बाद आखिरकार शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बना ली. शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना ने अपनी पुरानी सहयोगी भाजपा से गठबंधन तोड़कर एनसीपी और कांग्रेस जैसे विरोधी दलों से हाथ मिला लिया. इस तरह भाजपा शासित राज्यों में से एक राज्य और कम हो गया, जिसे भाजपा की हार के रूप में देखा जा रहा है.
4- बीजेपी विधायक ने कहा-गोडसे था देशभक्त, गांधी को गोली ही रोक सकती थी
बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बाद पार्टी के एक और विधायक ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया है. असम से बीजेपी विधायक शिलादित्य देव ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बचाव किया और नाथूराम गोडसे को असली देशभक्त बताया. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा कि मैं प्रज्ञा ठाकुर को सलाम करता हूं, क्योंकि उन्होंने सच्चाई बोली है. भारत में बहुत कम लोग हैं जो सच बोल सकते हैं.
5- BHU: बदलेगा फिरोज खान का डिपार्टमेंट? आयुर्वेद विभाग में इंटरव्यू आज
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय विभाग में अपनी नियुक्ति को लेकर विवादों में आए फिरोज खान का आज आयुर्वेद विभाग में इंटरव्यू है. फिरोज खान ने बीएचयू के दो विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर आवेदन किया था. पहला संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में और दूसरा आयुर्वेद विभाग में.संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में फिरोज खान की नियुक्ति हो गई, जिसके बाद कुछ छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया.