टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग के बड़े अड्डे का पर्दाफाश किया है. इस ऑपरेशन में 36 करोड़ कीमत के हजार-पांच सौ के पुराने नोट बरामद हुए हैं. NIA ने इससे जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार टेरर फंडिंग के इस अड्डे से ISI के द्वारा संभवत: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग की जाती थी.
NIA के अनुसार कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों के पास हवाला के जरिए पैसा पहुंचाया जा रहा था.
NIA ने कहा कि कश्मीर में टेरर फंडिंग के मामले में हमारी टीम कई महीनों से जांच कर रही थी, जिसमें यह बात स्पष्ट रूप से साबित हो गई है कि जम्मू कश्मीर में टेरर फंडिंग के लिए हवाला के जरिए पैसा पहुंचाया जा रहा है. ये पैसा अलगावववादियों और आतंकियों के पास भेजा जा रहा था. NIA के अनुसार इसमें से कुछ पैसा ऐसा भी था, जिसको नोटबंदी के बाद हवाला रैकेट ने बैंकिंग चैनल के जरिये बदलने का प्रयास किया था.
NIA के आईजी आलोक मित्तल ने कहा कि हमारी जांच के दौरान ये पता चला कि इस पैसे को दिल्ली लाकर खपाने का प्रयास भी किया जाएगा. NIA की खुफिया टीम ने इसको इंटरसेप्ट किया और जब ये 36 करोड़ 34 लाख रुपये एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे थे, इनको पकड़ लिया गया. अभी जो प्रारंभिक जांच हुई है, उसमें ये पता चला है कि ये पैसा जम्मू कश्मीर से आया है और ये पैन इंडिया नेटवर्क है, जो इसके पीछे काम कर रहा है. NIA के अनुसार 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए ये सारे आरोपी बैंकिंग ऑफिसर और ट्रस्ट का सहारा ले रहे थे.
NIA सूत्रों ने दी ये जानकारी...
इस पूरे मामले में दिल्ली के सैनिक कॉलोनी का रहने वाला दीपक टॉपरानी का नाम सामने आया है. इस हवाला चैनल का यह मुख्य मास्टरमाइंड है. दीपक टॉपरानी ट्रस्ट के जरिये बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर पुराने नोट को बदलवाने का काम करता है. प्रदीप चौहान इस दीपक टॉपरानी की बड़ी मदद कर रहा था. NIA ने प्रतिबंधित नोट के मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं. इसमें तीन जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं उनके नाम इस प्रकार हैं-
1. 47 साल का प्रदीप चौहान, जो सराय काले खान का रहने वाला है.
2. भगवान सिंह, जिसकी उम्र 54 साल है. ये सैनिक फार्म का रहने वाला है.
3. विनोद श्रीधर मुंबई के शांति नगर का रहने वाला है.
4. 45 साल का शाहनवाज मीर जम्मू कश्मीर का रहने वाला है.
5. दीपक टॉपरानी, जिसकी उम्र 60 साल है, मुंबई का रहने वाला है.
6. वहीं माजिद यूसुफ सोफी जम्मू कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है.
7. इस गिरोह में एक शख्स यूपी के अमरोहा का भी है, जिसका नाम एजाजुल हसन है.
8. कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले उमर मुस्ताक को भी एनआईए ने गिरफ्तार किया है.
9. वहीं नागपुर के जशविन्दर सिंह को भी इस मामले में पकड़ा गया है.