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एनआईए ने सईद के खिलाफ याचिका दायर की

एनआईए ने भारत में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद और पांच अन्य संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए यहां की एक अदालत में एक नयी याचिका गुरुवार को दायर की.

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एनआईए ने भारत में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद और पांच अन्य संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए यहां की एक अदालत में एक नयी याचिका गुरुवार को दायर की.

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हालांकि, डेविड हेडली और तहव्वुर राणा के खिलाफ यह कहते हुए इसी तरह की याचिका को वापस ले लिया कि अमेरिका उन तक पहुंच मुहैया करा रहा है. अमेरिका स्थित संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग करने वाला आवेदन वापस लेने की मांग किए जाने के कारणों को बताते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा, ‘हम हेडली और राणा के खिलाफ याचिका वापस लेने की मांग करते हैं क्योंकि उनसे हमने पूछताछ की है.’

जांच एजेंसी के वकील ने कहा, ‘वे अमेरिका की हिरासत में हैं जिसके साथ भारत का प्रत्यर्पण संधि है.’ हालांकि, जांच एजेंसी ने नया आवेदन दायर किया जिसमें सईद, लश्कर-ए-तय्यबा के आपरेशन्स कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी और दो पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों समेत चार अन्य के खिलाफ भारत में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई है.

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गोपनीयता कायम रखने के प्रयासों के तहत वकील ने आरोपी द्वारा निभाई गई खास भूमिका के संबंध में पूछे गए अदालत के सवाल को टाल दिया. उन्होंने कहा, ‘हम इस तरह के मुद्दों पर खुली अदालत में चर्चा नहीं कर सकते. यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील मामला है. हम अदालत के अवलोकन के लिए मामले की केस डायरी की प्रति प्रदान करने को तैयार हैं.’ {mospagebreak}

उन्होंने कहा कि केस डायरी में हेडली का बयान भी है. इसे एनआईए ने इलिनोइस में रिकार्ड किया था. जहां तक सईद और अन्य का सवाल है तो इंटरपोल के जरिए उनके खिलाफ रेडकार्नर नोटिस जारी किए जाने के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया जाना पूर्व शर्त है. अभियोजक ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस पी गर्ग के समक्ष कहा कि उन आरोपियों के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया जा सकता है जिनके साथ भारत का प्रत्यर्पण संबंधी नहीं है.

अपनी दलीलों की पुष्टि के लिए उन्होंने उच्चतम न्यायालय के विभिन्न फैसलों का हवाला दिया. इसमें माफिया सरगना दाउद इब्राहिम कास्कर के मामले का भी फैसला शामिल है. वकील ने कहा, ‘यह मामला अकादमिक उद्देश्य के लिए नहीं दायर किया जा रहा है. एनआईए गंभीर है और चाहती है कि उनके खिलाफ आरसीएन जारी किए जाएं ताकि अगर वे पाकिस्तान से बाहर आएं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सके.’

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आरोपियों की खास भूमिका को जानने के लिए अदालत ने मामले की केस डायरी की एक प्रति अपने रिकार्ड में रख ली और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 जुलाई को निर्धारित कर दी. हेडली और राणा के अतिरिक्त एनआईए ने पिछले साल 11 नवंबर को दायर प्राथमिकी में लखवी, सईद, पाकिस्तानी सेना के मेजर इकबाल और मेजर समीर अली, साजिद मीर तथा अब्दुल रहमान को आरोपी बनाया है.

हेडली और राणा अमेरिका में एफबीआई की हिरासत में हैं. उनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम, दक्षेस संधि (आतंकवाद को दबाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने, साजिश और हथियार तथा गोला-बारूद खरीदने को लेकर मामला दर्ज किया गया है.

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