निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को कल यानी शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा. दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेशी होगी. निर्भया के चारों दोषियों के वकील सुबह पटियाला हाउस कोर्ट में हलफनामा दाख़िल करेंगे और फिर उसके बाद इस मामले में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए की जाएगी.
कोर्ट की सुनवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निर्भया की मां ने कहा कि मैं यही कहूंगी कि कोर्ट से इन्होंने काफी मजाक कर लिया है, जल्द से जल्द इनका डेथ वारंट निकले और फांसी हो. सिस्टम अगर कमजोर नहीं होता तो आरोपी का वकील एपी सिंह पूरे सिस्टम को ही चैलेंज नहीं कर पाता. वह मुझे मजाक नहीं बना पाता कि हमारे देश की हवा और पानी खराब है. जब दोषी क्राइम करते हैं क्या तब हमारा देश अंबेडकर और गांधी का देश नहीं होता है. जुर्म के बाद ही सबको याद आती है.
सिर्फ आरोपियों का मानवाधिकार क्यों?
निर्भया की मां ने कहा कि जब बच्ची के साथ बलात्कार होता है तो सब कुछ खत्म हो जाता है लेकिन सजा की बारी आती है तो मानवाधिकार से लेकर तमाम संस्थाएं खड़ी हो जाती हैं. उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट से कहूंगी कि वह हमारी भावना और आंसुओं को ना देखें यह देखें कि हमारे बच्चियों के साथ क्या हो रहा है. 7 साल के बाद भी कुछ नहीं बदला है आज भी बच्चियों को जलाकर मारा जा रहा है और सिस्टम आंख मूंद कर बैठा है.
7 साल में कुछ भी नहीं बदला
अपना दुख शेयर करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 7 साल हो गए और अभी तक आरोपियों को सजा नहीं मिली. इससे उनका हौसला बढ़ा. समाज में संदेश जा रहा है कि कुछ भी कर लो सजा नहीं मिलनी है.
सरकार को क्या करना चाहिए?
निर्भया की मां ने आगे कहा कि लोगों की सिस्टम से आस्था उठती जा रही है. सरकार और सिस्टम को चाहिए इसे और पुख्ता करें. खासकर बच्चियों के साथ जो ऐसा क्राइम हो रहा है उसके लिए कानून में जो भी कमियां हैं उसे दूर करें और बच्चियों को इंसाफ दिलाएं.