निर्भया गैंगरेप के गुनाहगारों को एक महीने के भीतर फांसी देने की मांग वाली जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता संजीव कुमार ने मांग की कि निर्भया के दोषियों की पुनर्विचार याचिका और क्यूरेटीव याचिका का निपटारा एक महीने के भीतर हो जाए.
A public interest litigation (PIL) has been filed in the Supreme Court to hang the convicts of the 2012 Delhi gang-rape case. The petition demanded that the reconsideration petition and the curative petition of the convicts be disposed of within a month. pic.twitter.com/LjBXGL7B5c
— ANI (@ANI) December 13, 2019
याचिका में ये भी मांग की गई है कि दोषियों को एक महीने के भीतर फांसी पर लटकाया जाए. निर्भया के दोषियों की फांसी का लाइव प्रसारण हो. इस जनहित याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी. इसी दिन निर्भया की मां की भी याचिका पर सुनवाई होगी.
17 और 18 को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में निर्भया मामले में दोषी अक्षय कुमार ने फांसी के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, इसपर 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है. अब इसी मामले की सुनवाई के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में 18 दिसंबर को दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी.
निर्भया के मां-बाप की तरफ से करीब एक साल पहले पटियाला हाउस कोर्ट में ये याचिका दायर की गई थी कि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द डेथ वारंट जारी किया जाए, ताकि फांसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.
निर्भया की मां ने क्या कहा?
निर्भया की मां ने कहा कि उन्हें शांति तभी मिलेगी जब उन दोषियों को फांसी के तख्ते पर लटका दिया जाएगा. बीते दिनों जब हैदराबाद रेप-हत्या मामले में आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था, उसी के बाद से ही देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार पर गुस्सा बढ़ रहा है. गौरतलब है कि 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुना दी गई थी. निर्भया के दोषी अक्षय, पवन, विनय और मुकेश अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं.